ऑनर किलिंग- पूरे परिवार को उम्र कैद की सजा

अर्थदंड की अदायगी न करने पर दोषियों को तीन-तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले में अंतरजातीय विवाह करने वाली लड़की के चाचा जगदीश की जीप से कुचलकर तथा धारदार हथियारों से आरोपियों ने हत्या कर दी थी।
आरोप रोड़ी गांव के ही बाबू सिंह और उसके चार पुत्रों पर लगा था। रोड़ी पुलिस ने इस सिलसिले में मुकद्दमा दर्ज किया था। मामले अनुसार गांव रोड़ी के कुलदीप सिंह का गांव की ही नरेश कुमारी से प्रेम प्रसंग चल रहा था।
इसी प्रेम प्रसंग के चलते कुलदीप सिंह, नरेश कुमार को घर से भगा ले गया और दोनो ने शादी भी कर ली। इस अंतरजातीय विवाह को लेकर कुलदीप सिंह के परिवारवालों में काफी रोष था। कुलदीप के परिजन इस विवाह के लिए नरेश कुमारी के परिवार को ही जिम्मेदार मानते थे। उन्होंने जान से मारने की धमकी भी दी। मामले के मुख्य आरोपी कुलदीप सिंह के जीजा हिम्मत सिंह, रिश्तेदार गुरमेल सिंह, कीमत सिंह, दर्शन सिंह व बाबू सिंह, नरेश कुमारी के विवाह को लेकर रंजिश रखने लगे।
मामले के मुताबिक तीन फरवरी 2010 को नरेश कुमारी का चाचा जगदीश खेतों में साइकिल पर घर लौट रहा था। रास्ते में हिम्मत सिंह व अन्य सभी जीप में मौजूद थे। इन लोगों ने जगदीश को जीप से टक्कर मार दी। टक्कर लगने से जगदीश सड़क पर बेसुध गिर गया और पांचों ने लोह की राड़ व लाठियों से तब तक पीटा, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई।
इस मामले में न्यायाधीश डा.नीलिमा सिंगला ने बाबू सिंह और उसके पुत्रों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने से दंडित किया है। इसके अलावा न्यायालय ने जुर्माना राशि मृतक जगदीश की विधवा को मुआवजे के रूप में देने के भी आदेश दिए है।












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