26/11 के आतंकवादियों को दी गयी थी ट्रेनिंग

अदालत में जिस मामले की सुनवाई हो रही थी उसमें एक 24 वर्षीय पाकिस्तानी नागरिक जुबैर अहमद को लश्कर की सहायता करने के लिए 12 साल की सजा सुनायी गयी है। पिछले कुछ सालों से अमेरिका में बसे अहमद ने खुद लश्कर का दो स्तरीय प्रशिक्षण हासिल किया था और वह लश्कर के संस्थापक हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद के नियमित संपर्क में था।
मैकब्राइड ने बताया कि गिरफ्तारी से कई साल पहले तक अहमद लश्कर की ओर से अपनी गतिविधियों को छुपाने के लिए कलात्मक वस्तुओं के कारोबार में लगा था। वह कोड भाषा का इस्तेमाल करता था और लश्कर के बारे में खुलकर बात करने से और सुर्खियों में आने से बचता था। हालांकि वह अमेरिका में बसा हुआ था लेकिन उसका मकसद भारत के खिलाफ , विशेष रूप से कश्मीर में हिंसा को भड़काना था। अहमद भारत के खिलाफ विशेष रूप से कश्मीर में भारतीय सेना के खिलाफ हिंसा की वकालत करता था।












Click it and Unblock the Notifications