बुखारी की वजह से अपनों के बीच गैर हुए आजम खां

आजम खां ने कहा कि शाही इमाम लगातार उन पर व्यक्तिगत हमले करते रहे। श्री बुखारी और उनके समर्थकों के बयान से सपा की छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने कहा कि विवाद की शुरूआत उनकी ओर से नहीं हुई थी लेकिन पार्टी की छवि खराब करने वाले बयानों पर वह खुद को रोक नहीं सके। उन्होंने कहा कि शाही इमाम के साथ विवाद में पडऩे की उन्हें कोई जरूरत नहीं थी लेकिन पार्टी पर हो रहे हमले के कारण वह खुद को रोक नहीं सके।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस विवाद में सरकार की ओर से कोई भी उनके पक्ष में सामने नहीं आया जबकि शाही इमाम के बयानों से मामला गंभीर होता जा रहा था। श्री खां ने कहा कि टेढ़ी बुनियाद पर सीधी इमारत कैसे बनेगी।
इसी बीच बरेली में एक मुस्लिम धार्मिक संगठन ने शाही इमाम के खिलाफ फतवा जारी किया जिसमें कहा गया है कि धार्मिक गुरू को सिर्फ धर्म के बारे में ही सोचना और बोलना चाहिये। अपने रिश्तेदारों और परिवार वालों के लिये राजनीतिक फायदा लेना किसी शाही इमाम को शोभा नहीं देता। दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस के श्रम प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष हाजी शेख अब्दुल्ला शाही इमाम के पक्ष में सामने आये और कहा कि आजम खां जानबूझकर मुस्लिम धर्म गुरू पर निशाना साध रहे है।
आजम खां ने शाही इमाम पर सा प्रदायिक होने का आरोप लगाकर टकराव को और बढ़ा दिया था। आजम खां ने सपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य मुनव्वर सलीम के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी किये जाने को लेकर मौलाना बुखारी से माफी मांगने की मांग की।












Click it and Unblock the Notifications