तीनो सेना प्रमुखों से बात करेगी संसदीय समिति

थलसेना प्रमुख जनरल वीके सिंह, नौसेना सेना प्रमुख चीफ एडमिरल निर्मल वर्मा और एयर चीफ मार्शल एक ब्राउने के साथ होने वाली बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा होगी। सेना के अधिकारियों ने दिल्ली की ओर की गई कूच के संबंध में कहा है कि यह एक अनौपचारिक ड्रिल थी, जिसके लिए सरकार से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होती। इससे संबंधित जितनी भी खबरें मीडिया में आयीं वो सभी भ्रामक थीं और सेना को बदनाम करने के उद्देश्य से की गई थीं। ऐसी भ्रामक खबरों से कैसे बचा जाये इस पर भी संसदीय समिति तीनों प्रमुखों से 20 अप्रैल को चर्चा करेगी।
इसके अलावा हाल ही में जनरल वीके सिंह ने कहा था कि सेना के पास वर्षों पुराने हथियार हैं, जो अब किसी लायक नहीं रह गये हैं। इस बात की तह तक जाने और खामियों को दूर करने पर भी इस बैठक में चर्चा होगी। इस बैठक में किसी भी बाहरी व्यक्ति या मीडिया के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
बैठक में सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों के ‘मध्यस्थों’ के तौर पर काम करने पर रोक लगाये जाने पर विचार किया जायेगा और टाट्रा ट्रकों की आपूर्ति के सौदे में अनियमितताओं के सिलसिले में भी बातचीत होगी।
एक अधिकारी के मुताबिक तीनों प्रमुख एक साथ इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इस बैठक में रक्षा सचिव शशिकांत शर्मा भी शामिल होंगे। हालांकि उन्होंने अब साफ कर दिया है कि दिल्ली की ओर कूच करना एक ‘रुटीन’ अभ्यास था और किसी मानक प्रक्रिया का उल्लंघन नहीं हुआ क्योंकि सरकार से इसके लिए अनुमति जरूरी नहीं थी।
उधर विपक्षी दलों व सत्ताधारी दल के नेताओं ने कहा है कि अब इस मामले को बंद कर देना चाहिये। बिना वजह इसे तूल देने का कोई मतलब नहीं है। भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने खास तौर से मीडिया से अपील की है कि इस मामले को ज्यादा मत खींचें।












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