51 करोड़ के इनामी पर पाक नहीं कर रहा कार्रवाई: चिदंबरम

मेरिका का कहना है कि लश्कर-ए-तयबा और जमात उद दावा दोनों ही विदेशी आतंकवादी संगठन हैं और उसने सईद तथा अब्दुल रहमान मक्की को अपने कानून के तहत आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त पाया है। सईद की उम्र 61 साल है और वह उन चार दुर्दान्त आतंकवादियों में शामिल है, जिन पर अमेरिका ने एक करोड़ अमेरिकी डालर इनाम की पेशकश की है।
अफगानिस्तान के तालिबान प्रमुख मुल्ला उमर पर भी इतना ही इनाम है। अगर किसी पर इससे अधिक इनाम है तो वह है अल कायदा प्रमुख एमन अल जवाहिरी, जिस पर 2.50 करोड़ डालर का इनाम है। चिदंबरम ने कहा कि अमेरिका के इस फैसले से भारत को सईद और जमात उद दावा के बारे में अमेरिकी अधिकारियों से सूचना साझा करने में मदद मिलेगी। मुंबई में 2008 में हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड सईद इस समय पाकिस्तान में कहीं पर सुरक्षित रह रहा है।
आपको बताते चलें कि हाफिज सईद की अगुवाई में लश्कर-ए-तैयबा दुनिया की सबसे बड़े आतंकवादी संगठन अलकायदा को भी टक्कर देने लगा है। प्रमुख रूप से भारत के खिलाफ काम करते हुए लश्कर-ए-तैयबा यूरोप और ऑस्ट्रेलिया तक भी जा पहुंचा है। अमेरिकी अखबार की मानें तो ऐसा ऐलान किया गया है कि हाफिज सईद के बारे में अहम जानकारी देने वाला भी इनाम का हकदार होगा, बशर्ते वो जानकारी सईद की गिरफ्तारी में मददगार साबित हो।












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