नोएडा एक्सटेंशन के एक लाख निवेशकों का टेंशन होगा खत्म

बोर्ड ने ग्रेटर नोएडा के मास्टर प्लान 2021 पर चर्चा करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से इस मुद्दे पर 15 दिन में अपनी राय देने को कहा है। उधर, राज्य सरकार ने भी इस मुद्दे को जल्द सुलझाने के संकेत दिए हैं। इस निर्णय से नोएडा एक्सटेंशन की बाधा काफी हद तक दूर हो गई है। प्रदेश सरकार ने भी सकारात्मक रुख अपनाते हुए निवेशकों के हितों का पूरा ख्याल रखने का आश्वासन दिया है।
सरकार के इस बयान को एक्सटेंशन की टेंशन कम करने की कवायद का हिस्सा माना जा रहा है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक 26 मार्च को होनी है। इसमें रखे जाने वाले प्रस्तावों पर चर्चा के लिए बृहस्पतिवार को दिल्ली में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, उत्तर प्रदेश सरकार के प्रोटोकॉल मंत्री अभिषेक मिश्रा, प्रबंध निदेशक यूपीएसआरटीसी व आयुक्त परिवहन आलोक कुमार प्रथम, प्रदेश के चीफ टाउन प्लानर एनआर वर्मा एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन रमा रमण भी शामिल हुए।
बैठक में ग्रेटर नोएडा के मास्टर प्लान पर चर्चा करते हुए बोर्ड के सदस्यों ने कहा कि मास्टर प्लान को मंजूरी देने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। छोटी-मोटी कमियां हैं, इन्हें एक-दो दिन में दूर करा लिया जाए। बोर्ड का मानना था कि उत्तर प्रदेश में कुछ दिन पहले ही सत्ता परिवर्तन हुआ है। नई सरकार को पता होना चाहिए कि मास्टर प्लान में क्या प्रावधान किए गए हैं। मंजूरी दिए जाने से पहले एक बार नई सरकार के सामने मास्टर प्लान को रखा जाए और उस पर सरकार की राय मांगी जाए।
सभी सदस्य इस पर सहमत हो गए। बोर्ड ने उत्तर प्रदेश सरकार को 15 दिन के अंदर अपनी राय देने को कहा है। हालांकि, बोर्ड के इस निर्णय से 26 मार्च को होने वाली बैठक में अब मास्टर प्लान स्वीकृत नहीं हो पाएगा। बोर्ड की अगली बैठक छह माह बाद होगी। तब तक प्राधिकरण को इंतजार न करना पड़ेगा, इसके लिए बोर्ड ने मास्टर प्लान स्वीकृत करने के लिए अपने अधीन प्लानिंग कमेटी को अधिकृत कर दिया है।
इस कमेटी में 20 सदस्य हैं और हर माह इसकी बैठक होती है। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्लानिंग कमेटी अपनी सुविधानुसार कभी भी बैठक बुला सकती है। प्रदेश सरकार के प्रोटोकाल मंत्री अभिषेक मिश्रा ने बयान जारी कर कहा है कि सरकार निवेशकों के हितों का पूरा ध्यान रखेगी। माना जा रहा है कि 15 दिन के अंदर प्रदेश सरकार प्लानिंग कमेटी को अपनी राय दे देगी। इसके बाद मास्टर प्लान को मंजूरी दे दी जाएगी।












Click it and Unblock the Notifications