जस्टिस भी जुडी बेटी बचाओ मुहिम में

उन्होंने बार कक्ष में वकीलों को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में कन्या भ्रूण हत्या समाज की समस्या और देश के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। इसलिए इस समस्या से निपटने के लिए हम सबको आगे आना होगा, क्योंकि लिंगानुपात में कमी सभ्य समाज की पहचान नहीं है। उन्होंने जिला बार एसोसिएशन द्वारा की गई बेटी बचाओ अभियान की शुरूआत की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे इस अभियान का संबंधित क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार करें।
उन्होंने बेटी बचाओ के लिए इस प्रसंग 'मां मुझे मारो ना इस संसार को देखने दो' का जिक्र करते हुए कहा कि लड़कियों को संसार में आने दो और उन्हें आगे बढऩे का मौका दो।
उन्होंने बार के सभी सदस्यों से कहा कि वे न्यायपालिका और बार में आपसी समन्वय स्थापित कर जरूरतमंद लोगों को पारदर्शिता के साथ न्याय दिलवाने में मदद करें। उन्होंने स्थानीय न्यायालय परिसर में चैम्बर निर्माण के मामले पर कहा कि यह मामला
प्रशासनिक स्तर का है और प्रशासन द्वारा चैम्बर निर्माण के लिए अतिरिक्त भूमि दी जाएगी जिससे चैम्बर बिल्डिंग कमेटी द्वारा चैम्बरों का निश्चित रूप से निर्माण करवाया जाएगा। उन्होंने सिरसा बार एसोसिएशन के कार्य को सराहा और कहा कि सिरसा जिला में तीन प्रदेशों की संस्कृति का मिश्रण है, इसलिए यह जिला अन्य जिलों से अलग पहचान रखता है। जस्टिस दया चौधरी ने आज स्थानीय बार एसोसिएश्न के एक दर्जन से भी अधिक वरिष्ठ सदस्यों को सम्मानित किया जिन्होंने प्रैक्टिस के रूप में 50 वर्ष पूरे किए हैं। उन्होंने इन सभी वरिष्ठ वकीलों को बधाई दी और इनकी लम्बी आयु की कामना की।












Click it and Unblock the Notifications