गर्लफ्रेंड को पार्टी देने के लिए करते थे चोरी

बचाव में लुटेरों ने उन पर फायरिंग भी की। फिर भी बुआ-भतीजे ने हिम्मत नहीं हारी और करीब डेढ़ किमी. पीछा करने के बाद प्रहलादगढ़ी चौकी क्षेत्र में साईं मंदिर के पास कार की टक्कर लगने के कारण लुटेरों की बाइक गिर पड़ी। पकडे़ जाने के डर से लुटेरे पैदल भागे और नहर में छलांग लगा दी। इस दौरान एक लुटेरे को खुद के तमंचे से गोली भी लगी। अफसरों के मुताबिक दोनों स्नेचर्स को दबोचकर उनसे लूटी गई एक चेन, एक जिंदा कारतूस, दो सौ रुपये और चोरी की बाइक बरामद की है।
विजयनगर के प्रताप विहार में रहने वाले यशवीर नागर ब्लूम पब्लिक स्कूल चलाते हैं। रविवार को उनकी पत्नी सत्यवती, भतीजे गिरीश उर्फ सोनू के साथ मायके तिगरी डगरपुर, खेकड़ा जा रही थी। गाड़ी में गैस भराने के लिए वह पहले वैशाली स्थित सीएनजी पंप की तरफ जा रहे थे। दोपहर 12.45 बजे जैसे ही
वह वसुंधरा में अटल चौक से आगे बढे़ तभी पीछे से बाइक सवार दो बदमाश आए और चलती गाड़ी की खिड़की में हाथ डालकर सत्यवती से चेन लूटी और फरार हो गए। वारदात के बाद गिरीश ने बिना कुछ सोचे समझे लुटेरों के पीछे गाड़ी दौड़ा दी। इस दौरान महिला लुटेरों को पकड़ने के लिए गाड़ी से चिल्लाती
रही और कंट्रोल रूम फोन कर पुलिस को जानकारी दी। सूचना पर बुआ-भतीजे के साथ पुलिस भी लुटेरों के पीछे लगी। कार को पीछे आता देख बाइक पर पीछे बैठे लुटेरे ने एक फायर भी किया। मगर सत्यवती और गिरीश का साहस कम न हुआ, वे लुटेरों के पीछे लगे रहे। प्रहलादगढ़ी चौकी क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट
के किनारे साईं मंदिर के पास गिरीश ने कार से लुटेरों की बाइक को टक्कर मारी। इससे बाइक समेत दोनों गिर पडे़। इसी दौरान तमंचे में कारतूस भर रहे लुटेरे से अचानक ट्रिगर दब गया और गोली उसकी जांघ में जा घुसी। इसके बाद दोनों बाइक को मौके पर छोड़कर पैदल भागने लगे। ग्रीन बेल्ट पार कर लुटेरे नहर के किनारे दौड़ रहे थे। गिरीश और सत्यवती भी उनके पीछे लगे रहे। इस दौरान पुलिस भी मौके पर आ गई। अब पकडे़ जाने के डर से दोनों लुटेरों ने नहर में छलांग लगा दी।
एक लुटेरा तो दलदल में धंस गया जबकि दूसरा नहर पार कर आगे निकल गया। दलदल में धंसे लुटेरे को सिपाही सत्येंद्र और गिरीश ने पब्लिक की मदद से बाहर निकला और जमकर धुना। सिपाही अमित कुमार सेक्टर-4-5 की पुलिया से होते हुए अकेला दूसरे लुटेरे के पीछे लगा रहा। तीन किमी. तक पीछा करने के बाद उसने शक्तिखंड में लुटेरे को दबोच लिया। इंस्पेक्टर इंदिरापुरम ने बताया कि दोनों लुटेरों की शिनाख्त जितेंद्र यादव और छोटू यादव निवासी सर्फाबाद, नोएडा के रूप में हुई। गोली लगने और पब्लिक की
पिटाई से घायल जितेंद्र को एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इंस्पेक्टर का कहना है कि सत्यवती से पहले आरोपियों ने वसुंधरा सेक्टर-16 में निधि मित्तल से भी चेन लूटी थी। वह मार्केट जाने के लिए रिक्शे का इंतजार कर रही थी। तभी लुटेरे उनसे चेन लूटकर ले गए। अफसरों के मुताबिक निधि की चेन भी जितेन्द्र के पास थी, जो तमंचे के साथ नहर में गिर गई। बहादुर सत्यवती ने बताया कि उसे वोमेटिंग होती थी। इसलिए रविवार को वैशाली की तरफ जाते वक्त उन्होंने शीशा डाउन कर रखा था।
इसी का फायदा उठाते हुए बेखौफ लुटेरों ने वारदात को अंजाम दिया। स्नेचर जितेन्द्र और छोटू किसी मजबूरी या दबाव में लूट नहीं करते थे बल्कि इनके लूट करने का कारण था शाही खर्च। दोनों सर्फाबाद के समृद्ध परिवार से हैं। छोटू के पिता कालूराम यादव सीमेंट कारोबारी हैं जबकि जितेंद्र का पिता छत्रपाल लाखों रुपये किराया वसूलता है। उसके पास ठीक-ठाक प्रॉपर्टी है। जितेन्द्र 10वीं के एग्जाम दे रहा है, जबकि छोटू 9वीं फेल है। दोनों की कई-कई गर्लफ्रेंड हैं।
उन्हें महंगी गाड़ियों में घुमाने और रोज डिस्को ले जाने के अलावा तमाम अन्य शाही खर्चों के लिए पैसे की जरूरत थी। परिवार वाले सीमित खर्चा देते थे। इसीलिए वे स्नेचिंग करने लगे। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इंदिरापुरम उनके निशाने पर रहता था। क्षेत्र में वारदात कर वह खोड़ा होते हुए सीधे नोएडा और दिल्ली में पहुंच जाते थे। किसी भी वारदात को अंजाम देने के दौरान छोटू बाइक चलाता और जितेंद्र चेन लूटता था।












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