तीस बाद 21 हजार परिवारों का मकान का सपना पूरा होगा

हाईकोर्ट ने डीडीए को तीन माह में करीब 21 हजार प्लाट आवंटित करने का निर्देश दिया है। वहीं, जल बोर्ड, एमसीडी को सीवर, पानी सहित अन्य सुविधाएं प्रदान करने का निर्देश दिया है। अदालत ने चेतावनी देते हुए कहा कि काम में कोताही बरतने वाले अधिकारी अदालत के आदेश की अवहेलना के लिए जिम्मेदार होंगे। कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश एके सीकरी और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलो की खंडपीठ ने डीडीए के उस तर्क को खारिज कर दिया कि एक अप्रैल से समय सीमा आरंभ की जाए। तीन माह की समय सीमा 19 मार्च से आरंभ होगी और डीडीए को तीन माह में प्लाट आवंटन की प्रक्रिया पूरी करेगा।
खंडपीठ ने प्लाटों के बिजली, पानी, सीवर आदि की सुविधाओं के न होने पर आवंटन न करने संबंधी याची के तर्क को भी खारिज करते हुए कहा कि आप पहले आवंटन होने दे सभी सुविधाएं भी मिल जाएंगी। अदालत ने कहा कि पहले ही लोग 30 वर्ष से प्लाट के इंतजार में हैं। अदालत ने जल बोर्ड, एमसीडी और अन्य संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे डीडीए से मिलकर इस अवधि में पानी-बिजली की सप्लाई के अलावा सभी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाएं।
अदालत ने चेतावनी देते हुए कहा यदि इस आदेश में किसी भी प्रकार की कोताही बरती गई तो संबंधित विभाग प्रमुख अदालत की अवमानना के लिए जिम्मेदार होगा और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अदालत ने अब मामले की सुनवाई 2 मई तय की है। इससे पूर्व डीडीए के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि 21,536 प्लाट आवंटन के लिए तैयार हैं लेकिन वहां सीवर, पानी की कमी है। इसे कुछ माह में ही पूरा कर दिया जाएगा।












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