शिक्षक बनने से पहले ही पढ़ रहे थे अनैतिकता का पाठ

पुलिस की गिरफ्त में आए अशोक (28), सचिन (21), संजीव (22), सुरेश (25),अफताब (48), सुनील कुमार (32), संतोष उर्फ राणा भूषण बेरोजगार युवकों को झांसा देकर उनसे पैसे ऐंठते और बदले में झूठा नियुक्ति पत्र पकड़ा देते। इस गिरोह का मुखिया अशोक एमएससी और जेबीटी पास है। वह वर्ष 2005 से वजीराबाद निगम प्राथमिक विद्यालय में अनुबंध पर शिक्षक के पद पर कार्यरत था। सचिन और संजीव गत 15 दिनों से जहांगीरपुरी डी-ब्लाक स्थित एमसीडी स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के लिए नियुक्त हुए थे, जबकि सुरेश जहांगीरपुरी के-ब्लाक निगम स्कूल में तीन दिनों से तैनात था।
इन लोगों के पास से पुलिस ने पांच ब्लैंक नियुक्ति पत्र, एमसीडी सिविल लाइंस जोन के उपशिक्षा निदेशक कंवर सिंह की मुहर और 75 हजार रुपये नगद बरामद किए हैं। उत्तर पश्चिम जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त रोमिल बानिया ने बताया कि एमसीडी सिविल लाइंस जोन के उप शिक्षा निदेशक कंवर सिंह ने 25 फरवरी को जहांगीरपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि जहांगीरपुरी के और डी-ब्लाक स्थित निगम प्राथमिक विद्यालय में अनुबंध के आधार पर भर्ती सचिन, संजीव और सुरेश का नियुक्ति पत्र फर्जी है। उनकी शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्जकर लिया था।












Click it and Unblock the Notifications