सांसदों के साथ बवाल में फंस सकते हैं केजरीवाल

वहीं केजरीवाल के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने रविवार को कहा, संसद में उन लोगों का बहुमत है जो देश के लिए कुछ भी कर सकते हैं। वे वहां कड़ी मेहनत से पहुंचे हैं। इस तरह के बयान न सिर्फ लोकतंत्र और संसद बल्कि देश की जनता का भी अपमान करते हैं। इन बयानों से लोकतंत्र के कमजोर होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा,मीडिया को इसे लोकप्रियता नहीं देनी चाहिए।
भाजपा महासचिव मुख्तार अब्बास नकवी ने केजरीवाल के बयान को खारिज करते हुए कहा, ऐसा बयान भारतीय लोकतंत्र, संविधान और संसद के खिलाफ है और अहंकारपूर्ण व्यवहार को दर्शाता है। यह व्यवहार अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, इस तरह के बयान दर्शाते हैं कि उन लोगों को भारतीय लोकतंत्र, भारतीय संविधान और संसद में कोई विश्वास नहीं है। संसद में मौजूद कुछ लोगों के खराब रिकार्ड की बात स्वीकार करते हुए नकवी ने कहा,उनके लिए आप अपनी संसदीय प्रणाली या लोकतांत्रिक व्यवस्था को खत्म नहीं कर सकते।
लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष राम विलास पासवान ने कहा, यह लोकतंत्र पर हमला है। यह उनकी मानसिकता को दर्शाता है। पासवान ने केजरीवाल के साथ मंच साझा करने वाले राजनीतिक दलों और नेताओं की भी आलोचना की। गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल ने यूपी के गाजियाबाद जिले में शनिवार को मतदाता जागरूकता रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि इस संसद में 163 सदस्यों के खिलाफ जघन्य अपराध के मामले हैं। इस संसद में बलात्कारी बैठे हैं, हत्यारे और लुटेरे बैठे हुए हैं। हम कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि संसद में जन लोकपाल विधेयक पारित होगा? आप कैसे उम्मीद रख सकते हैं कि आप गरीबी और भ्रष्टाचार को रोक सकते हैं।












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