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इस बार अमरनाथ दर्शन को मिलेंगे सिर्फ 39 दिन

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Amarnath
दिल्ली (ब्यूरो)। इस बार अमरनाथ की यात्रा और भी छोटी कर दी गई है। इस बार यह यात्रा महज 39 दिनों की होगी। 2011 में यात्रा 46 दिन की, जबकि 2010 में 55 दिन की रही थी। 2008 यात्रा 62 दिनों की थी। श्री श्री रविशंकर की अध्यक्षता में बनाई गई सब कमेटी की सिफारिशों पर यह फैसला किया गया है। इस बार सिर्फ उन्हीं को यात्रा की अनुमति दी जाएगी, जिनकी सेहत ठीक है। यात्रा 25 जून से शुरू होकर दो अगस्त यानी श्रावण पूर्णिमा तक चलेगी।

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन एनएन वोहरा की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई बैठक में कहा गया कि वर्ष 2009 में बर्फीला ट्रैक साफ होने के बावजूद चंदनवाड़ी मार्ग में यात्रा के पहले 10-12 दिन लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए इस साल 25 जून से यात्रा आरंभ करने का निर्णय लिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।

हालांकि बोर्ड ने कहा कि तमाम एजेंसियों के साथ विचार करने और तमाम हालात को देखने के बाद यदि संभव हुआ तो यात्रा को 25 जून से पहले शुरू करने पर विचार किया जा सकता है। ऐसा हो पाया तो सीईओ ऑनलाइन या स्पाट पंजीकरण करवाएंगे। यात्रा की तिथियों के निर्धारण के लिए जुलाई, 2011 में श्री श्री रविशंकर की अध्यक्षता में बनाई गई सब कमेटी की सिफारिशों पर बोर्ड ने यह फैसला किया। श्री श्री रविशंकर के अनुसार वर्ष 2011 में श्रावण पूर्णिमा व रक्षा बंधन का त्योहार 13 अगस्त को हुआ था, जबकि इस साल में यह दो अगस्त को आ रहा है।

चंदनवाड़ी से शेषनाग, एमजी टाप, पंजतारणी होते हुए पवित्र गुफा तक जाने का मार्ग जून अंत तक साफ हो पाएगा। बोर्ड ने फैसला लिया कि चार जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन विशेष पूजा का आयोजन किया जाएगा। यह पूजा सफल यात्रा के लिए भगवान शिव से आशीर्वाद लेने के लिए की जाती है। यात्रा मार्ग पर संचार सुविधा मुहैया करवाने के लिए एक एक्शन प्लान को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस बार अस्वस्थ लोग अमरनाथ यात्रा पर नहीं जा पाएंगे। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को लेकर बोर्ड काफी गंभीर है।

हर साल मरने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए बोर्ड ने फैसला किया है कि सिर्फ उन श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति होगी, जो पूरी तरह फिट होंगे और जिनके पास रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर्स का सर्टिफिकेट होगा। बोर्ड के सीईओ आरके गोयल के अनुसार वर्ष 2009 में यात्रा समाप्त होने से पहले पहलगाम से पंजतरनी तक हेलीकाप्टर सेवा ट्रायल के रूप में शुरू की गई थी, जिसका परिणाम संतोषजनक रहा। वर्ष 2010 और 2011 में लगभग पांच हजार श्रद्धालुओं ने इस सेवा का लाभ उठाया। हेलीकाप्टर सेवा प्रदान करने वाली कंपनी से बालटाल और पहलगाम से उड़ान पर नए अनुबंध की बात चल रही है। सभी औपचारिकताएं पूरीं होने के बाद कार्यक्रम और टिकटों के रेट घोषित कर दिए जाएंगे।

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English summary
A shrine board headed by the Jammu and Kashmir governor has cut the duration of this year’s Amarnath pilgrimage to 39 days, angering Hindutva hawks. A Raj Bhavan spokesperson said the yatra would start on June 25 and end on Rakhsha Bandhan or Shravan Purnima, which falls on August 2.
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