आयोग की नोटिस के बाद गजनी के आमिर बने बेनी प्रसाद
हालांकि बेनी ने यह भी कहा कि वह कभी कोई अनुचित बात नहीं कहते। वीडियो रिकार्डिग की पड़ताल के बाद आयोग ने सोमवार 2 फरवरी शाम 5 बजे तक तक बेनी से नोटिस का जवाब मांगा है। खुर्शीद के बाद अल्पसंख्यक कोटे पर टिप्पणियों को लेकर वर्मा दूसरे केंद्रीय मंत्री हैं, जिन्हें आयोग ने आचार संहिता उल्लंघन का नोटिस थमाया है।
सलमान पहले ही अल्पसंख्यक आरक्षण संबंधी अपने बयानों को लेकर आयोग से माफी मांग चुके हैं। बेनी ने बुधवार को फर्रुखाबाद में चुनावी सभा में कहा था कि आयोग चाहे तो मुझे नोटिस दे दे, लेकिन मुसलमानों का आरक्षण बढ़ाया जाएगा। इस सभा में दिग्विजय सिंह और सलमान खुर्शीद भी मौजूद थे।
तृणमूल कांग्रेस और भाजपा की शिकायतों के बाद आयोग ने वर्मा के भाषणों की वीडियो रिकार्डिंग देखी। आयोग ने भी माना कि प्रथम दृष्ट्या वर्मा ने आचार संहिता का उल्लंघन किया है। आयोग ने नोटिस में कहा है कि वर्मा के बयान से लगता है कि वह इससे अवगत थे कि इस तरह का बयान देकर वह आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने जानबूझकर ऐसा किया। आयोग ने कहा है कि आचार संहिता के उल्लंघन के लिए उनके खिलाफ क्यों न कार्रवाई की जाए।
आयोग की नोटिस के बाद एक टीवी चैनल से बातचीत में वर्मा ने कहा कि मुसलमानों का कोटा बढ़ाने का बयान उन्होंने जानबूझकर नहीं दिया था। उनकी जबान फिसल गई थी। बेनी ने कहा कि वह पिछले तीन-चार महीने से रोजाना चार-पांच चुनावी सभाएं संबोधित कर रहे हैं। कभी-कभी किस संदर्भ में वह क्या बात कह जाते हैं, इसका उन्हें ध्यान नहीं रहता।













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