मायावती के दलित तिलिस्म को तोड़ेगा कांग्रेस का 'मिशन-85'

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आरक्षित सीटों के लिए जो रणनीति बनाई है,उसके तहत दिल्ली में एक विशेष सेल बनाया गया है। इसमें कांग्रेस के नौजवान नेता लगातार उत्तर प्रदेश की आरक्षित सीटों का ताजा ब्यौरा जुटा कर उन्हें दे रहे हैं। हर आरक्षित सीट के लिए कांग्रेस ने बाहर के नौजवान नेताओं को क्षेत्र में समन्वयक के रूप में तैनात किया है। इसी तरह सभी जगहों पर कांग्रेस के जुझारू एवं युवा नेताओं को लगा कर मायावती के दलित दुर्ग में सेंध लागने की कवायद हो रही है। कुल आरक्षित सीटों में से बसपा के पास 68 सीटें हैं। कांग्रेस पिछले लोकसभा चुनाव में इनमें से दो दर्जन से ज्यादा सीटों पर आगे रह चुकी है।
कांग्रेस सांसद पीएल पूनिया ने कहा कि हमने मायावती के दलित वोट बैंक को बांट दिया है। पिछली बार दलित बिरादरी के जिन लोगों ने मायावती को वोट दिया था। इस बार उनमें से एक हिस्सा कांग्रेस के समर्थन में जाता दिखाई दे रहा है। पत्रकारों से रूबरू होते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं सांसद डा. अशोक तंवर ने कहा कि राज्य की यह 85 आरक्षित सीटें अन्य सीटों की जीत को प्रभावित करेगी तथा प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने में अपना महत्वपूर्ण योगदान अदा करेगी। कांग्रेस उत्तर प्रदेश में 85 आरक्षित सीटों पर नजर रखे हुए है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित सीटों के प्रत्याशी गत चुनावों में उपेक्षित रह जाते थे। इस बार इस कमी को दूर करने के लिए राहुल गांधी ने एक प्लान तैयार किया है। इसी योजना के तहत मिशन-85 की जिम्मेदारी उन्हें तथा सांसद पी.एल. पुनिया को सौंपी गई है। यूपी में जनता का जो रुझान दिख रहा है उससे कांग्रेस की सरकार बनना तय है।
उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से पार्टी के लोग आरक्षित विधानसभा क्षेत्रों में जो परिश्रम कर रहे हैं, उसके नतीजे चौकाने वाले होंगे। उत्तर प्रदेश की जनता अब प्रदेश में व्याप्त कुशासन को और बर्दाश्त नहीं करेगी। बदलाव की इबारत लिखी जानी तय है क्योंकि प्रदेश का हर नागरिक राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार से तंग आ चुका है। ऐसे में हर कोई अपना हाथ कांग्रेस के साथ जोड़ रहा है और प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनना तय है।












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