आयकर में छूट सीमा तीन लाख करने का सुझाव

प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) विधेयक पर अपनी एक अहम रिपोर्ट में समिति यह सुझाव रखने जा रही है। भाजपा नेता यशवंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली यह संसदीय समिति डीटीसी बिल पर अपनी मसौदा रिपोर्ट पर शुक्रवार को चर्चा करेगी। इस बिल में आयकर छूट सीमा दो लाख रुपये तक बढ़ाए जाने का प्रस्ताव है। हालांकि समिति का मानना है कि आयकर छूट बढ़ाकर तीन लाख रुपये की जानी चाहिए। सूत्रों के मुताबिक समिति का कहना है कि महंगाई काफी बढ़ी है, इसलिए सरकार को आयकर छूट बढ़ानी चाहिए।
पूर्व वित्त मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली वित्तीय मामलों की संसदीय स्थायी समिति कल दिनभर चलने वाली बैठक में डीटीसी पर रिपोर्ट के अंतिम मसौदे पर चर्चा करेगी। समिति का विचार है कि आयकर छूट सीमा बढ़ाकर 3 लाख रुपये की जानी चाहिए। विधेयक में यह सीमा बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने का प्रावधान है।
मालूम हो कि वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने पिछले साल अगस्त में डीटीसी बिल लोकसभा में पेश किया था, जिसे बाद में समीक्षा के लिए स्थायी समिति के पास भेज दिया गया था। समिति की मसौदा रिपोर्ट में आयकर के लिहाज से आवासीय और कॉमर्शियल संपत्ति का वर्गीकरण करने की सिफारिश भी की गई है। इसमें कहा गया है कि दोनों तरह की संपत्ति पर अलग तरह से कर लगाया जाए। इसके अलावा भारतीय मूल के लोगों (पीआईओ) को मिली राहत और सुविधाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए भी प्रावधान करने की सिफारिश इसमें की गई है। मालूम हो कि डीटीसी बिल में कर प्रणाली को पूरी तरह से बदल देने की बात है। यह आयकर कानून, 1961 की जगह लेगा।












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