सियासत की चाह में पति के खिलाफ पत्नी मैदान में
एक समय था कि साधना अपने पति के चुनाव प्रचार में बराबर भूमिका अदा करती थी लेकिन करीब 10 वर्षों से दोनो अलग-अलग रहते हैं। साधना ने कहा कि वह भाजपा उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस, सपा, और बसपा के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं। वैसे भी चुनावी जंग, दलों के बीच होती है, व्यक्तियों के बीच नहीं। एक बार जिला पंचायत चुनाव लड़ चुकीं साधना से जब पति से रिश्तों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस बारे में बात न करने का आग्रह करते हुए कहा कि वह विकास को मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ रही हैं, और इस बार शोहरतगंढ़ की जनता भाजपा को जिताने का मन बना चुकी है, क्योंकि वह समझ चुकी है कि भाजपा शासन में ही पिछड़ों का हक सुरक्षित रह सकता है।
शोहरतगढ़ कुर्मी बाहुल्य सीट है। इसलिए भाजपा ने सियासी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस के कुर्मी उम्मीदवार की पत्री को ही मैदान में उतार दिया है। पति-पत्री की जंग ने जहां सीट का चुनावी समीकरण बदल दिया है, वहीं दूसरे दल इसका फायदा लेने की फिराक में हैं। अन्य दलों को लगता है कि कुर्मी मतदाताओं के दम पर जीत दर्ज कराने वाले रविंद्र चौधरी के वोट बैंक में उनकी पत्री व भाजपा उम्मीदवार सेंध लगा सकती है, और इसका फायदा उन्हें मिल सकता है।













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