वैज्ञानिकों ने किया दो करोड़ साल पुरानी झील में छेद

एक सूत्र ने बताया कि हमारे वैज्ञानिकों ने 3768 मीटर की गहराई तक छेद किया और वे झील की सतह तक पहुंचने में कामयाब हो गए। झील का पानी चलायमान है लेकिन बर्फ के नीचे चार किलोमीटर की गहराई पर होने के बावजूद वहां आक्सीजन की आपूर्ति पायी गयी है। इसके साथ ही खोदी गयी बर्फ में पहले ही सूक्ष्म जीवाणु पाए गए हैं।
रूसी विज्ञान अकादमी में खगोल विज्ञान विभाग के निदेशक डा व्लादीमिर कोतल्याकोव ने बताया कि लेक वोस्तोक में सूक्ष्म जीवाणुओं की खोज का मतलब हो सकता है कि यूरोप में कहीं और भी जीवन है। डेली मेल में प्रकाशित समाचार में बताया गया है कि रूसी आर्कटिक और अंटार्कटिक शोध संस्थान के विशेषग्य अब भुाील से लिए गए पानी के नमूने की जांच करेंगे।












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