भाकपा ने भी घोषणापत्र में किया मुस्लिम आरक्षण का वादा
भाकपा के घोषणापत्र में मुख्य रूप से दोहरी शिक्षा प्रणाली को समाप्त करके तालीम का राष्ट्रीयकरण करने, रोजगारोन्मुख शिक्षा की नि:शुल्क व्यवस्था तथा शहरी क्षेत्रों के लिये महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के समकक्ष योजना तैयार करने का एलान किया गया है। घोषणापत्र में खाद, बीज, पानी तथा डीजल की कीमतों में कटौती, किसानों को चार प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज मुहैया कराने तथा कृषि उत्पादों को लाभ बेचने की गारंटी देने की बात भी शामिल है। इसके अलावा ठेका प्रथा तथा आउटसोर्सिंग को खत्म करने के साथ-साथ श्रमिकों के लिये न्यूनतम मजदूरी के स्तर को जीने लायक मेहनताना स्तर तक उपर उठाने की बात भी कही गयी है।
पार्टी ने घोषणापत्र में विधानसभा तथा विधान परिषद की एक साल में कम से कम 100 दिनों तक बैठक के आयोजन को सुनिश्चित करने की बात भी कही है। भाकपा के घोषणापत्र में बुनकरों और दस्तकारों की बदहाली के मद्देनजर यूपी हथकरघा निगम तथा बंद कताई मिलों को चालू करने के साथ-साथ रियायती दर पर बिजली और सूत मुहैया कराने तथा उत्पादों के निर्यात के लिये आधारभूत ढांचा विकसित करने की बात कही गयी है। घोषणापत्र में आवास के हक को संवैधानिक अधिकार बनाने तथा पिछली सरकारों द्वारा सरमायादारों को सौंपी गयी सार्वजनिक तथा सहकारी क्षेत्र की परिसम्पत्तियों का राष्ट्रीयकरण करने, वृद्धावस्था, विधवा तथा विकलांग पेंशन को सभी पात्र व्यक्तियों को मुहैया कराने तथा इन योजनाओं में पात्राता की परिभाषा बदलने की बात कही गयी है।













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