आज एक साथ निकलेंगे चंद्रमा और बृहस्पति

इसके अलावा इस वर्ष और कई दुलर्भ नजारे देखने को मिलेंगे। उज्जैन की प्रतिष्ठित जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेंद्रप्रकाश गुप्त ने बताया कि भारतीय संदर्भ में की गयी कालगणना के मुताबिक अद्भुत खगोलीय घटनाओं का यह सिलसिला 21 र्मइ को लगने वाले वलयाकार सूर्यग्रहण से शुरू होगा। उन्होंने बताया कि वर्ष का पहला ग्रहण विशेष तौर से पूर्वोत्तर भारत में दिखायी देगा।
गुप्ता ने बताया कि चार जून को आंशिक चंद्रग्रहण होगा लेकिन भारत में उस वक्त दिन होने के कारण लोग इस नजारे को नहीं देख पाएंगे। वहीं दो सदी पुरानी वेधशाला के अधीक्षक ने बताया कि 14 नवंबर को वर्ष 2012 का सबसे बड़ा पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा लेकिन दुख की बात यह है कि रात होने के कारण भारत में इसे देख पाना संभव नहीं होगा। 28 नवंबर को लगने वाला चंद्रग्रहण इस साल का आखिरी ग्रहण होगा।












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