बैंगलोर विस्फोट के आरोपी मदनी को नहीं मिली जमानत
बैंगलोर।
उच्चतम न्यायालय ने बैंगलोर अहमदाबाद और जयपुर में 2008 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के आरोपी अब्दुल नसीर मदनी की जमानत याचिका को आज खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति पी सदाशिवम और न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर की पीठ ने हालांकि कर्नाटक सरकार को निर्देश दिया कि वह केरल में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के संस्थापक मदनी का बैंगलोर की कोट्टाक्कल आर्य वैद्य शाला में इलाज कराएं। शीर्ष अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील कुमार द्वारा मदनी के लिए दायर की गई अंतरिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए आरोपी को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए। id="toptextpromo">कुमार
ने याचिका दायर कर मदनी को अंतरिम जमानत दिए जाने का आग्रह किया था ताकि केरल के मालापुरम जिले में स्थित कोट्टाकल आर्य वैद्यशाला में उनके मुवक्किल का इलाज हो सके । अधिवक्ता ने आग्रह किया कि मदनी को जमानत दी जाए क्योंकि उनके मुवक्किल को झूठा फंसाया गया है। उन्होंने कोयंबटूर बम विस्फोट में साढ़े नौ साल तक जेल में रखे जाने के बाद बरी होने को मदनी की बेगुनाही का सबूत बताया। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>उन्होंने
आगे कहा कि आरोपी जिसकी एक टांग नहीं है और जो रीढ़ की हड्डी की गंभीर समस्याओं तथा संबंधित लक्षणों से ग्रस्त है और वह कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए खतरा नहीं है । मदनी के वकील कुमार के तर्क हालांकि न्यायालय को प्रभावित करने में विफल रहे। न्यायालय ने कहा कि हल्के अंदाज में हम कह सकते हैं कि लोग शारीरिक रूप से ही कुछ करें यह र्कोइ जरूरी नहीं है कि वे एक जगह बैठे-बैठे ही बहुत कुछ कर सकते हैं।











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