2012 में आपकी शिक्षा, सेहत का ख्याल रखेगी सरकार

राज्यसभा में मतदान के बाद हुई किरकरी के बाद प्रधानमंत्री ने नव वर्ष की पूर्व संध्या पर चुप्पी तोड़ते हुए अपने शुभकामना संदेश में सरकार की सफाई पेश की। उन्होंने कहा, नए साल में उनकी सरकार की प्राथमिकता लोगों को जीवन सुरक्षा (शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार), आर्थिक सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, पारिस्थितिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा देने की होगी।
उन्होंने नए साल में देश को ईमानदार और प्रभावी सरकार, उत्पादक व प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था व समानता पर आधारित सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था देने का व्यक्तिगत वादा भी किया। देश से इस खुले संवाद में प्रधानमंत्री ने अपने बचपन की कठिनाइयों और ग्रामीण पृष्ठभूमि का भी उल्लेख किया। देशवासियों से प्रधानमंत्री के इस सीधे संवाद में चुनौतियों और दिक्कतों की बेबाक स्वीकृति दिखाई दी तो साथ ही सुधार की कोशिशों की धीमी रफ्तार पर चिंताएं भी।
पीएम ने माना कि बीते साल में भ्रष्टाचार को लेकर चिंता मुख्य मुद्दा बनकर उभरा है। पीएम ने माना कि भ्रष्टाचार नई शक्ल में सामने आ रहा है जिससे निपटने की जरूरत है। भ्रष्टाचार के खात्मे को उन्होंने उद्यमिता की मदद के लिए अहम कदम बताया। हालांकि सिंह ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकपाल, सिटिजन चार्टर और न्यायिक जवाबदेही समेत सरकार के कदमों की फेहरिस्त गिनाने के साथ ही देशवासियों को धीरज रखने की भी नसीहत दी। पीएम ने कहा कि इन कदमों का पूरा असर दिखने में कुछ वक्त लगेगा इसलिए हम सभी को धैर्य रखने की जरूरत है।
वहीं संसद से लेकर सड़क तक सरकार की फजीहत का सबब बने लोकपाल विधेयक पर राज्यसभा में मतदान टलने को पीएम ने दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए प्रभावी लोकपाल बनाने का संकल्प दोहराया। भारतीय लोकतंत्र की खामियों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसकी कमियों के बारे में हमारे लोग जानते और उन्हें दूर करने की क्षमताएं भी हम दिखा चुके हैं। पीएम के शब्दों में-लोकतंत्र, सरकार में बैठे लोगों और उससे प्रभावी व मानवीय होने की अपेक्षाएं रखने वाले लोगों, दोनों के लिए खीज पैदा करने वाला हो सकता है पर हमारा लोकतंत्र ही हमारी ताकत है।












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