रामपुर से जया नहीं आजम के खिलाफ रेशमा चुनाव लड़ेंगी

जबकि इससे उलट सपा नेता आजम खान ने कहा कि कोई भी आये उनका स्वागत है लेकिन रामपुर तो उनका ही है। इसलिए उन्हें कोई डर नहीं है। आपको बता दें कि हाल ही में सपा से बाहर निकाले गये अमर सिंह पूरी तरह सपा से भिड़ने के लिए रामपुर की मौजूदा सांसद जयाप्रदा को सपा प्रत्याशी आजम खान के खिलाफ चुनाव लड़वाने का ऐलान किया था।
खुद जयाप्रदा ने कहा के आजम खान ने उन्हें हमेशा अपमानित करने की कोशिश की है। उन्हें उम्मीद है कि जिस तरह से रामपुर वासियों ने उनपर पिछले चुनावों में कृपा दिखायी थी उसी तरह से इस बार भी वो उनका साथ देगी। जयाप्रदा ने सीधे तौर पर आजम खान पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा मुझे सताया है। और अब वक्त आ गया है कि वो अपने अपमान का हिसाब लें जिसमें जनता उनकी मदद करेगी। लेकिन मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण अब अमर सिंह ने एक मुस्लिम महिला को पार्टी का टिकट दिया है।
गौरतलब है कि आजम खान और जयाप्रदा के बीच में रंजिश साल 2009 के आम चुनाव से चली आ रही है। आजम खान चाहते थे कि रामपुर सीट से उनकी पत्नी को टिकट मिले क्योंकि वो एक महिला सीट है जबकि अमर सिंह के कहने पर जयाप्रदा को टिकट दे दिया गया। जिसके बाद आजम खान ने जयाप्रदा और अमर सिंह के ऊपर कई आरोप मढ़े जिसके कारण आजम खान को सपा से निकाल दिया गया।
रामपुर से जयाप्रदा जीत भी गयीं और आजम को मुंह की खानी पड़ी। लेकिन जब अमर सिंह को पार्टी से बर्खास्त किया गया तो जयाप्रदा ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया लेकिन पार्टी ने उनके इस्तीफे को मंजूर नहीं किया बल्कि उन्हें भी पार्टी से निकाल दिया। एक बार फिर से पूराने साथी विरोधियों के रूप में चुनावी दंगल में भिड़ने को तैयार है देखना दिलचस्प होगा कि जीत किस की होती है?












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