हिमाचल प्रदेश: ज्वालामुखी मंदिर में 154 किलो चांदी चोरी

लेकिन शिमला से आडिट करने आई टीम के यह बात गले नहीं उतर रही कि शुद्धिकरण में 41.34 प्रतिशत चांदी आखिर कैसे नष्ट हो गई। पुख्ता सूत्रों के मुताबिक अंकेक्षण अनुभाग अधिकारी राजकुमार द्वारा 2009 में किए गए मंदिर के आडिट में यह भारी अनियमितता सामने आई है। आडिट रिपोर्ट के पैरा 10 में लिखा है कि चांदी स्टाक रजिस्टर की जांच करने पर पाया गया कि चांदी पिघलाने एवं शुद्धिकरण प्रक्रिया हेतु आयुक्त मंदिर द्वारा गठित कमेटी ने 26 फरवरी 2009 से 28 फरवरी 2009 तक 374 किलोग्राम 774 ग्राम चांदी को पिघलाने का कार्य किया।
उक्त प्रक्रिया के दौरान 154 किलो 949 ग्राम चांदी को नष्ट दर्शाया गया। शेष शत प्रतिशत शुद्ध चांदी (919.825 किलोग्राम) की ईंटें बनाकर स्ट्रांग रूम में जमा करवा दी गईं। आडिटर ने रिपोर्ट में संदेह जताया कि 41.34 प्रतिशत चांदी कैसे नष्ट हो सकती है। लिहाजा अंकेक्षण अधिकारी ने कमेटी से ठोस तथ्यों सहित औचित्य स्पष्ट करने के अलावा नष्ट हुई धातु को किस स्वरूप में और कहां रखा गया है, इसकी पूरी जानकारी मांगी है। साथ ही इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के भी निर्देश दिए हैं। मुख्य आयुक्त मंदिर, हिमाचल प्रदेश मनीषा नंदा ने कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो मामले का पता लगाया जाएगा। संबंधित मंदिर आयुक्त से इस मामले में रिपोर्ट मांगी जाएगी।












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