कब तक चलता रहेगा प्यार की आड़ में फरेब?

इस युवती के साथ भी बिल्कुल वैसा ही हुआ। वह कभी स्वयं को कोसती तो कभी पेट में पल रहे बच्चे के भाग्य को लेकर परेशान हो उठती। बिन ब्याही मां कोई न कह दे, समाज के तानों से डर के मारे वह सब कुछ छोडऩे को तैयार थी, मगर बच्चे को जुदा कर पाने की स्थिती में नहीं थी। युवक के घरवाले उस पर बच्चा गिराने का दबाव बना रहे थे। उसे एक लाख रूपये का लालच भी दिया गया, लेकिन युवती ने ठान लिया था, कि वह अपने बच्चे का जन्म देगी और उस फरेबी इंसान को सबक सिखाकर रहेगी, जिसके कारण आज वह समाज में दुत्कारी जा रही है।
यहां से शुरू होती है सोनिया की कहानी
गंगानगर की रहने वाली सोनिया गरीब परिवार से है। परिवार में उसके मां-बाप के अलावा तीन बहने व एक छोटा भाई है। मां बीमार रहती थी और पिता टेलर का काम करते थे। घर की माली हालत देखकर सोनिया काफी परेशान रहती थी, आर्थिक बोझ अपने कंधों पर उठाने की सोची। गंगानगर में काम नहीं मिला तो उसने अपने बाबुल की दहलीज छोड़ दी और एक साल पहले सिरसा चली आयी। उसने यहां म्यूजिकल ग्रुप का संचालन शुरू किया। उसका काम ठीक चल पड़ा और माली हालत भी अब संवरने लगी थी, एकाएक उसके जीवन में सुनील (काल्पनिक नाम) ने एंट्री ली।
मुलाकातों की सिलसिला आगे बढ़ा, दोस्ती हुई और जल्द ही दोस्ती प्यार में बदल गई। इस बीच दोनों में शारीरिक संबंध स्थापित हुए। दोनों एक साथ एक किराए के मकान में लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगे। सोनिया को विश्वास हो गया कि सुनील उसका है और हमेशा रहेगा। वह उसे लोगों को अपनी पत्नी के रूप में परिचय करवाता था। लिव-इन रिलेशनशिप के रिश्ते को कलंक तब लगा, जब सोनिया गर्भवती हो गई। सुनील को जैसे ही इसका पता चला उसने कहा कि वह अपने मां-बाप से दोनों की शादी को लेकर बात करेगा। दो दिन बाद वह अचानक कहीं चला गया। सोनिया जब घर पहुंची तो सुनील घर नहीं आया। सुनील को ढूंढते -ढूंढते वह उसके घर पहुंची। जहां सुनील ने साफ कह दिया कि वह उससे शादी नहीं करेगा। चाहे तो वह बच्चा गिरवा सकती है वह उसे एक लाख रूपये भी उसे दे देगा।
अपना हक लेकर मानी सोनिया
प्यार में धोखा खा चुकी सोनिया ने ठान लिया की वह धोखेबाज प्रेमी को सबक सिखाकर रहेगी। उसने पुलिस और मीडिया की मदद ली। समाचार पत्रों में उसके साथ हुई ज्यादती की खबर को प्राथमिकता से उठाया गया। पुलिस ने दबाव के चलते कड़ी लड़के के परिवार वालों पर कड़ी कार्रवाई की। जहां एक समय लड़के के घरवाले सोनिया का गर्भ गिरवाने की बात कह रहे थे, वहीं पुलिस का कार्रवाई से सहमे सभी लोग सोनिया को बहू बनाने के लिए तैयार हो गए।
अब यहीं पर एक बड़ा ट्विस्ट तब आया जब सोनिया ने सवाल खड़ा किया कि यदि वह इनकी बातों में आ भी जाए जो इसकी क्या गारंटी है कि उसका भविष्य सुखद और सुरक्षित रहेगा? पंचायत बुलाई गई। लोग समझौता करवाने के लिए आगे आने लगे। तभी सुनील ने पंचायत के सामने सुनील ने हलफनामा में लिखकर दिया कि वो सोनिया को अपनी जीवन संगिनी बनायेगा। यह हलफनामा पुलिस थाने में भी जमा किया गया, ताकि अगर सुनील अपनी बात से पलटे तो सीधे सलांखों के पीछे जाये। प्यार में धोखा खाने के बाद पेट में पल रहे बच्चे की खातिर दर-दर की ठोकरें खाने वाली सोनिया को आखिरकार इंसाफ मिला। 4 दिसंबर को उसकी शादी सुनील से हुई। सात फेरे लेने के बाद सोनिया ससुराल चली गई है।
अब सवाल यह उठता है कि सोनिया जैसी न जाने कितनी युवतीयां रोजाना धोखे का शिकार हो रही हैं। ऐसे में किसी पर भी विश्वास करना मुश्किल होता जा रहा है। सोनिया को तो इंसाफ मिल गया लेकिन, न जाने कितनी युवतियां ऐसे रही होंगी जो उसकी तरह लड़ नही पाईं और मौत का रास्ता चुनकर इस दुनिया से हार गईं।












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