यूपी में राहुल ने फिर खेला मुस्लिम कार्ड

गौरतलब है कि मुसलमानों के आर्थिक, सामाजिक तथा शैक्षणिक स्तर के अध्ययन के लिये वर्ष 2005 में गठित हुई सच्चर समिति ने अपनी रिपोर्ट में मुस्लिमों के अनेक वर्गों को दलितों से भी गयी-गुजरी हालत में बताते हुए उनके कल्याण के लिये कई सिफारिशें की थीं। राहुल ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में पिछले 20 वर्षो के दौरान सत्ता में आए लोगों ने दूरदर्शिता नहीं दिखायी जिसका नुकसान राज्य की जनता को हुआ। उन्होंने कहा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने वर्ष 1980 में कंप्यूटर की बात शुरू की, जिसका फायदा आपको आज मिल रहा है।
जब तक आपके नेता दूर की सोच नहीं रखेंगे तब तक राज्य प्रगति नहीं कर सकेगा। उत्तर प्रदेश सरकार पर केन्द्र द्वारा विभिन्न विकास योजनाओं के लिये भेजा जाने वाला धन हड़पने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस महासचिव ने कहा राजीव गांधी कहते थे कि सरकार द्वारा भेजे गये एक रुपए में से सिर्फ 15 पैसे ही जनता तक पहुंचते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में एक भी पैसा नहीं पहुंचता। लखनउ में बैठा हाथी वह पैसा खा जाता है। कांग्रेस महासचिव ने समाजवादी पार्टी (सपा) के गढ़ माने जाने वाले बदायूं में सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव को भी घेरा।
राहुल ने कहा कि लखनऊ में बैठा हाथी पैसा खाता है। यह धन न तो उत्तर प्रदेश सरकार का है और न ही केन्द्र का। यह धन प्रदेश की प्रगति में आपके योगदान से आया है। हम वह पैसा प्रदेश की जनता के लिये भेजते हैं लेकिन वह आप तक नहीं पहुंचता। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की सत्ता में मुलायम सिंह यादव आये और एक जाति की बात करके चले गये। मायावती आयी हैं, उन्होंने भी जाति की बात की और वह भी चली जायेंगी मगर उत्तर प्रदेश के विकास का क्या होगा।
राहुल ने कहा कि मैं आपके बीच जाता हूं तो लोग मेरा मजाक उड़ाते हैं लेकिन मुझे जनता में एक शक्ति दिखाई देती है। गरीब में एक शक्ति दिखाई देती है। हम जात-पात नहीं बल्कि हिन्दुस्तानियत देखते हैं। प्रदेश में समावेशी विकास की जरूरत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आपको ऐसी सरकार लानी है जो जाति की नहीं बल्कि विकास की बात करे। हमें एक मौका दें हम आपको ऐसी ही सरकार देंगे। राहुल ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लोग दिल्ली और पंजाब समेत दूसरे राज्यों में पलायन कर वहां के विकास में योगदान कर रहे हैं।
इस राज्य में दूरदृष्टि रखने वाली सरकार बनाने से सूबे के लोगों को अपने ही प्रदेश में रोजगार मिलेगा और वे यहां की प्रगति में योगदान कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि नोएडा में किसानों ने अपना हक मांगा। उन्होंने कहा कि जब कोई अमीर व्यक्ति अपनी जमीन बेचता है तो उसे बाजार मूल्य मिलता है लेकिन हमें यह कीमत क्यों नहीं मिलती। भट्टा पारसौल के किसानों ने आवाज उठाई तो उन पर गोली चलायी गयी और महिलाओं पर अत्याचार हुए।
प्रदेश में जो व्यक्ति अपना हक मांगता है उसे सरकार नक्सलवादी ठहरा देती है। उत्तर प्रदेश सरकार पर किसानों की जमीनें छीनने का एक बार फिर आरोप लगाते हुए राहुल ने कहा कि नोएडा में किसानों ने जमीन के बदले अपना हक मांगा तो उन पर गोली चलायी गयी। राहुल ने आरोप लगाया और गोरखपुर से नोएडा तक किसानों की सैकड़ों किलोमीटर जमीन छीनी जा रही है।
हमने भूमि अधिग्रहण विधेयक पेश किया लेकिन आज विपक्ष के लोग उस बिल को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने किसानों के लिये 60 हजार करोड़ रुपए दिये। लोकपाल बिल लाये, मनरेगा के लिये प्रति पात्र व्यक्ति 12 हजार रुपए दिये। जननी सुरक्षा योजना में 1400 रुपए दिये। हम चाहते हैं कि आपको प्रगति में शामिल किया जाए और गरीब लोग अपने पैरों पर खड़े हों।












Click it and Unblock the Notifications