अब भाजपा मुस्लिम आरक्षण के विरोध में

हरेन्द्र प्रताप ने अपने सम्बोधन में कहा कि प्रदेश में पिछड़े वर्ग की जनसंख्या 55 प्रतिशत है और आरक्षण केवल 27 प्रतिशत। इसी कोटे में से काटकर मुस्लिमों को आरक्षण देने की बात कहना सरकार की कुत्सित मानसिकता को दर्शाता है, जबकि मुस्लिमों की पिछड़ी जातियों को इसी 27 प्रतिशत में ही आरक्षण की व्यवस्था पहले से है। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर, तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु, पूर्व गृहमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल के नेतृत्व में सभी नेताओं ने संविधान सभा में धाॢमक आधार पर आरक्षण को एक मत से अस्वीकार किया था। उन्होंने कहा कि आवश्यकता है आरक्षण का ठीक प्रकार से लाभ देने की ताकि सभी आरक्षित वर्गों को उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण मिल सके।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह द्वारा हुकुम सिंह के नेतृत्व में गठित सामाजिक न्याय समिति 2001 की रिपोर्ट को लागू कर ही यह लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। राहुल गांधी और सलमान खुर्शीद मुस्लिमों को आरक्षण देने की बात कह रहे हैं। भाजपा का कहना है कि समाजवादी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी जैसी मतलबपरस्त पार्टियां इसमें कांग्रेस का सहयोग कर रही हैं।












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