मयखाने खुले तो कश्मीर में बहेगी खून की नदी

इस हमले से फौजी कानून हटाने की मुहिम को भी धक्का पहुंचा है। सोमवार को शहीद अंगरक्षक को पूरे सम्मान के साथ सुपुर्दे खाक किया गया। पूरी घाटी में बीती रात से ही हाई अलर्ट है। एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक में हालात का जायजा लिया गया। इस बीच मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, विधानसभा अध्यक्ष मोहम्मद अकबर लोन, नेता प्रतिपक्ष महबूबा मुफ्ती, उप मुख्यमंत्री ताराचंद समेत प्रदेश के तमाम राजनेताओं ने हमले को कायराना हरकत बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी रियासत हिंसा और खून खराबे के खिलाफ है।
ऐसी हरकत की सभी को निंदा करनी चाहिए। स्पीकर लोन ने कहा कि इस तरह के आतंकी हमले उन अमन पसंद लोगों को कमजोर नहीं कर पाएंगे, जो रियासत के विकास की ख्वाहिश रखते हैं। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। डिप्टी सीएम तारा चंद ने कहा कि देश विरोधी ताकतें सरकार की उपलब्धियों से बौखला कर ऐसे कदम उठा रही हैं। साझा सरकार ऐसे मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगी। सीपीआईएम के प्रदेश सचिव विधायक एमवाई तारागामी ने कहा कि यह ऐसे तत्वों की कार्रवाई है, जो रियासत में अमन चैन नहीं चाहते हैं।
जमायत के प्रवक्ता जमील अहमद ने न्यूज एजेंसी को फैक्स के जरिए भेजे गए बयान में कहा है कि संगठन के दस्ते ‘अल जब्बार’ ने फारूक अब्दुल्ला के घाटी में सिनेमाघर और शराब की दुकानें खोलने के बयान की प्रतिक्रिया में यह हमला हुआ है। उसने चेतावनी दी कि भविष्य में भी नेशनल कांफ्रेंस और भारत समर्थक राजनीतिक दलों के नेताओं पर हमले किए जाएंगे। साथ ही कहा कि अगर मयखाने खुले तो कश्मीर में आतंकवादी हमले की बाढ़ आ जाएगी। पूरे कश्मीर में खून की नदी बहा देंगे। गृह राज्य मंत्री नासिर असलम बानी ने देर रात संकेत दिया कि इस जघन्य वारदात की बाबत कुछ महत्वपूर्ण सुराग हासिल हुए हैं। हमलावर और अंगरक्षक के हत्यारे जल्दी ही गिरफ्त में होंगे।
वानी ने कानून एवं सांसदीय मामलों के मंत्री सागर पर हुए आंतकी हमले बारे महत्वपूर्ण सूराग हाथ लगने का दावा करते जल्द ही हमलावरों को गिरफतार करने का एलान किया। उन्होंने बताया कि सूरक्षा बैठक दौरान एडीजीपी के राजेंद्रा को राजनैतिक नेताओं की सुरक्षा का जायजा लेते हुए जरुरत मुताबिक सुरक्षा बढ़ाए जाने को कहा गया है। राजनेताओं से भी कहा गया है कि वे संबंधित थाने को पूरी इत्तला दिए बिना जनसभाएं न करें। इससे पूर्व शहीद हुए अंगरक्षक गुलजार अहमद को पुलिस मुख्यालय में श्रद्घांजलि अर्पित की गई। गृहराज्य मंत्री वानी, डीजीपी कुलदीप खुडा आदि ने पुष्पचक्र चढ़ाए।












Click it and Unblock the Notifications