अमेरिका अब नहीं बनाएगा इराक में सैन्य ठिकाना

इराक के भीतर हमारा कोई सैन्य ठिकाना नहीं होगा। इराक के भीतर हमारी मजबूत राजनयिक उपस्थिति बनी रहेगी। इराक के मामले में क्षेत्रीय ताकतों के दखल नहीं देने की चेतावनी देते हुए ओबामा ने कहा कि पश्चिम एशिया में हमारी मजबूत पैठ बनी रहेगी और अमेरिका अपने सहयोगियों और साझुदारों की रक्षा करने में पीछे नहीं रहेगा।
उन्होंने कहा कि इराक ने कहा है कि वह किसी दूसरे देश के मामले में दखल नहीं देगा। इसी तरह दूसरे देशों को इराक के अंदरूनी मामले में दखल नहीं देना चाहिए। इराक की संप्रभुता की रक्षा होनी चाहिए। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि ईरान अपने भड़काउ व्यवहार से एक खतरनाक रास्ते पर चल रहा है लेकिन अभी तक अप्रभावी रहने के बावजूद उसके साथ बातचीत के रास्ते अभी भी खुले हुए हैं।
हिलेरी ने ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग के साथ आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हमारा मानना है कि ईरान जिस रास्ते पर चल रहा है वह उसके और क्षेत्र के लिए खतरनाक है। उसके उत्तेजक व्यवहारों, कई स्थानों पर आतंकवाद का समर्थन करने तथा परमाणु हथियार प्राप्त करने के जारी प्रयासों ने इसे और खतरनाक बना दिया है।
उन्होंने कहा कि इसलिए यह कुछ ऐसा है जिस पर विश्व को प्रतिक्रिया करनी होगी और मेरा मानना है कि हम ऐसा करने में काफी प्रभावी हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका राजनयिक दृष्टिकोण में मजबूत विश्वास है और वह पश्चिम एशिया के देशों के साथ बातचीत करने के प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि जैसा कि आप जानते हैं कि गत तीन वर्ष से अधिक समय से हमने बातचीत के लिए प्रयास जारी रखे हैं। यह अभी तक प्रभावी साबित नहीं हुआ है लेकिन हमने अपने प्रयास छोड़े नहीं हैं।












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