कोलकाता अग्निकांड: मृतकों की याद में कैंडिल मार्च, ममता ने की अगुवाई

मालूम हो कि कुछ दिन पूर्व ही कोलकाता के मशहूर अस्पताल एएमआरआई के आईसीयू और आसीसीयू वार्ड में भयंकर आग लग गई थी। इस अस्पातल में कुल 165 मरीज भर्ती थे जिसमें से 93 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में दो नर्सें भी शामिल थी जिन्होंने 8 लोगों की जान बचाई थी। इस हादसे के बाद ममता ने अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया और कार्रवाई करने का आदेश दिया था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अस्पताल के मालिक सहित 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था।
कुछ अस्पताल ही करते हैं आग सुरक्षा नियमों का पालन: महानिदेशक
कोलकाता महानगर स्थित केवल कुछ ही अस्पताल चाहे वे सरकारी हों या निजी आग सुरक्षा नियमों का पालन करते हैं जिसकी कमी के चलते एएमआरआई अस्पताल में नौ दिसम्बर को लगी आग में 93 लोगों की मौत हो गई। पश्चिम बंगाल के अग्निशमन सेवा के महानिदेशक गोपाल भट्टाचार्या ने कहा, शहर में किसी भी सरकारी अस्पताल के पास आग सुरक्षा मंजूरी नहीं है। भट्टाचार्या ने कहा, हम अस्पताल प्रशासनों से लगतार कहते रहे हैं कि आग सुरक्षा नियमों का पालन करके अनापत्ति प्रमाणपत्रा प्राप्त कर लें लेकिन अभी तक इस संबंध में कुछ भी किया गया है।
उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों के मामले में स्थिति कोई अलग नहीं है। इनमें से कुछ अस्पतालों ने केवल एक बार ही अनापत्ति प्रमाणपत्रा प्राप्त किये जबकि कुछ ने केवल इसके लिए आवेदन ही किया है। भट्टाचार्या ने कहा, अनापत्ति प्रमाणपत्रा प्राप्त करने का कोई मतलब नहीं है यदि ये प्रतिष्ठान उसके बाद आग सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करें। आग सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने की बात शुक्रवार को एएमआरआई अस्पताल में भीषण आग से स्पष्ट है।












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