दो आईएसआई एजेंट पकड़े गए

दोनों ने बिना किसी वैध दस्तावेज के देश में प्रवेश किया था। चांद ने बताया कि हमें जानकारी मिली थी कि दो पाकिस्तानी नेपाल सीमा से भारत में प्रवेश करनेवाले हैं। दोनों के पांच दिसंबर को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में सनौली सीमा के जरिए देश में प्रवेश करने और गोरखधाम एक्सप्रेस के जरिए दिल्ली आने की सूचना मिली थी।'
चंद ने बताया कि सूचना के बाद दोनों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि इमरान ने दावा किया वह अहमदाबाद का रहने वाला है, लेकिन 1988 में वह पाकिस्तान चला गया और फिर वहीं रहने लगा। उसने वहां की नागरिकता हासिल कर ली थी। वहां कपड़े की दुकान खोली । घाटा होने पर बंद कर दिया। इस बीच एक आईएसआई का अधिकारी आया उसने कहां भारत तुम्हारा जाना पहचाना है। वहां तुम्हे कुछ खतरनाक काम करने होंगे । इसके बदले इतनी रकम देंगे कि तुम नई दुकान खोल सकते हो।
उन्होंने बताया कि वह और कंवल भारत में आगरा आए और फिर वहां एक सहयोगी से मुलाकात की। आगरा पहुंचकर वहां उसे कुछ निर्देश भी मिला। आगरा में उसके सहयोगी की पहचान कर ली गई है और उसे पकड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इमरान के पास पाकिस्तानी पासपोर्ट था। साथ ही उसने गुजरात से ड्राइविंग लाइसेंस तमाम फर्जी दस्तावेज बनवा लिए थे।












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