सीडी केस: मुलायम-अमर के बयान दर्ज न करने पर पुलिस की खिंचाई

इस दौरान आप उनसे अनौपचारिक रूप से पूछते हैं कि क्या उन्होंने शांति भूषण से बात की जिसके जवाब में वह आपको बताते हैं कि शांति भूषण उनके स्थान पर आये थे और उन्होंने वहां से टेलीफोन पर मुलायत सिंह से बात की थी। आप इससे संतुष्ट हो जाते हैं। यादव ने पूछा आपको उनका औपचारिक रूप से बयान दर्ज करने की कोई जरुरत महसूस नहीं होती। आप ये सब कैसे साबित करेंगे जब तक कि आप उनका बयान दर्ज नहीं करते? जांच न.न तो यहां है और न ही वहां। आप कुछ भी दावा कर सकते हैं लेकिन उसे साबित कैसे करेंगे। दिल्ली पुलिस की विशेष इकाई ने इस वर्ष अगस्त महीने में इस मामले को बंद करने के लिए अदालत की अनुमति मांगी थी जो कि भूषण की उस शिकायत पर दर्ज किया गया था जिसमें उन्होंने सीडी के साथ छेड़छाड़ होने के आरोप लगाते हुए इसकी सत्यता की जांच कराने की मांग की थी।
पुलिस ने मामले को यह कहते हुए बंद करने की इजाजत मांगी कि जालसाजी का अपराध (सीडी) के साथ छेड़छाड़ साबित करने के लिए कोई भी ठोस सबूत उपलब्ध नहीं है। अदालत ने यह टिप्पणी उस समय की जब शांति भूषण, अजित सिंह के वकील ने दलील दी कि पुलिस को यह साबित करने के लिए अमर सिंह और मुलायम सिंह के बयान दर्ज करने चाहिए कि अमर सिंह ने उनके (भूषण) और यादव के बीच बातचीत होने की पुष्टि की थी।












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