बिहार बिजली बोर्ड को चाहिए 2500 करोड़ की सब्सिडी

बोर्ड को अभी 2500 करोड़ रुपये की सब्सिडी की दरकार है। उन्होंने कहा कि बिजली केवल बिहार की ही समस्या नहीं है, बल्कि राष्ट्र के 90 फीसदी बिजली बोर्ड घाटे में चल रहे हैं। देश के बिजली बोर्ड का घाटा एक लाख करोड़ रुपये से भी अधिक हो चुका है। मोदी ने कहा कि राज्य के उपभोक्ताओं पर फ्यूल सरचार्ज लगने के लिए एनटीपीसी जिम्मेदार है, क्योंकि कंपनी आयातित कोयले के नाम पर महंगी दर से विद्युत बोर्ड को बिजली बेच रही है।
अधिक बिजली आपूर्ति के संबंध में मोदी ने कहा कि बिहार बिजली बोर्ड जितनी अधिक बिजली खरीदेगा और जितनी आपूर्ति करेगा उसका घाटा उतना बढेगा। इस संकट को दूर करने के लिए बिजली आपूर्ति में कटौती और पारेषण तथा वितरण (टीएंडडी) नुकसान में कमी करना होगा। बिजली क्षेत्र में सुधार एक दिन में संभव नहीं है। बिहार में अभी नुकसान 40 से 45 फीसदी है।












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