'अन्ना को विधेयक पारित होने तक इंतजार करना चाहिए'

संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा, उन्हें संसद में निर्णय का इंतजार करना चाहिए। जंतर मंतर पर अन्ना हजारे के प्रस्तावित एक दिन के अनशन और लोकपाल विधेयक पर संसदीय समिति की रिपोर्ट पर टीम अन्ना की आलोचना के बारे में पूछे गये सवाल पर बंसल ने कहा कि कानून पारित करना संसद की जिम्मेदारी है। इस तरह की चर्चा चल रहीं हैं कि कैबिनेट की बैठक में संभवत: 14 दिसंबर को विधेयक पर बातचीत हो सकती है।
उधर कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने प्रस्तावित लोकपाल को संवैधानिक दर्जा देने के सरकार के कदम का आज यह कहते हुए बचाव किया कि इससे किसी संस्थान को प्राधिकर एवं सत्यनिष्ठा की विशेष गारंटी मिलती है। खुर्शीद ने यह भी कहा कि राहुल गांधी की आकांक्षा और संकल्प है कि लोकपाल उच्चतम न्यायालय जैसे देश के संवैधानिक सस्थानों से कम नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा, जो लोग लोकपाल के लिए संवैधानिक दर्जा नहीं चाहते हैं वे सरकार और जनता को बताएं वे ऐसा क्यों नहीं चाहते। मेरी धारणा है कि इस देश में लोग मानते हैं कि संवैधानिक दर्जा किसी भी संस्थान के लिए प्राधिकार एवं सत्यनिष्ठा की विशेष गारंटी है।
अन्ना हजारे के इस आरोप पर कि सरकार ने अगस्त में संसद में अंगीकार सदन की भावना के संबंध में अपने वादों का पूरा नहीं किया, खुर्शीद ने कहा, जो लोग सदन के अंदर है उन्हें उन लोगों की तुलना में इस भावना की बेहतर समझ होगी। उन्होंने कटाक्ष किया, हजारे के मित्रा रिपोर्ट बहुत तेजी से पढ़ते हैं। मुझमें इतनी तेजी से रिपोर्ट बढ़ने की क्षमता नहीं है। मैं इसे शाम तक पढ़ पाउंगा।












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