सरकार करायेगी सभी का मुफ्त में इलाज

कार्ड के आधार पर निजी अस्पतालों में भी गरीब तबके के लोग इलाज करवा पाएंगे। कार्ड आम लोगों से वसूले गए विभिन्न टैक्स से बनाने के लिए समिति ने सरकार से कहा है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आम आदमियों की जिंदगी की गारंटी लेना सरकार का दायित्व है। इस योजना की शुरुआत होने के बाद भारत विश्व के उन तमाम देशों की सूची में शामिल हो जाएगा जो मुफ्त में जनता को बेहतर इलाज उपलब्ध कराते हैं।
इलाज का खर्च न उठा पाने के कारण प्रत्येक साल लगभग चार करोड़ लोगों की मौत हो जाती है। हालांकि, केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना और राजीव आरोग्य हेल्थ केयर इंश्योरेंस स्कीम के तहत रिक्सा चालक, घरेलू कामकाज करने वाले और 30000 रुपये प्रत्येक साल कमाने वाले गरीब तबके के लोगों के लिए स्वास्थ्य बीमा लागू किया है। लेकिन, उसका लाभ गिने चुने लोगों को ही मिल पा रहा है।
यह योजना सिर्फ हॉस्पिटल केयर पर आधारित है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर यह योजना लागू नहीं होती है। इसलिए डॉ.के. श्रीनाथ रेड्डी की अध्यक्षता में बनी योजना आयोग की उच्चाधिकार विशेषज्ञ समिति ने देश के सभी लोगों को इंडिया हेल्थ कार्ड मुफ्त में उपलब्ध कराने के लिए कहा है। समिति का कहना है कि आम आदमी प्रत्येक साल विभिन्न तरह के करों के रूप में केंद्र सरकार को अरबों रुपये देते हैं।
लेकिन, इसका सीधा लाभ आम आदमी को नहीं मिल पाता है। इसलिए जमा कर से इंडिया हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराया जा सकता है। चीन ने पिछले साल तक जहां 90 फीसदी जनता को मुफ्त में स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाया है वहीं कनाडा, थाइलैंड जैसे देश सौ फीसदी जनता को इस तरह की सुविधा उपलब्ध करा रहा है। विश्व बैंक भी अब इस योजना को स्वीकार करने के लिए सभी देशों को कहा है।
क्या है योजना की खासियत
इंडिया हेल्थ कार्ड के आधार पर कोई भी आदमी एम्स जैसे संस्थानों में भी मुफ्त में इलाज करवा सकेगा। अभी मुफ्त में बीमारी की पहचान और प्रोसेड्यूर ही उपलब्ध हो पाता है। जबकि, कार्ड के आधार पर इलाज के दौरान उपयोग होने वाले उपकरण मसलन हार्ट की आर्टरी में लगने वाले स्टेंट, हड्डी को जोड़ने में उपयोग होने वाले स्क्रू आदि इस कार्ड के आधार पर लगाए जाएंगे।












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