इलाज के बाद पहली बार मंच पर पहुंची सोनिया

लोकपाल बिल पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि देश से भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए सरकार मजबूत लोकपाल बिल लाने के लिए प्रतिबध है। अपनी सरकार की कामयाबियों को गिनाते हुए उन्होंने आरटीआई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा हथियार बताया। सोनिया गांधी ने कहा कि यूपीए सरकार ने ही इस कानून को पारित करने की पहल की थी। इस कानून के तहत भ्रष्टाचार के बड़े मामलों से पर्दा उठा है।
अपनी पार्टी और सरकार की सफलताओं को गिनाने के अलावा सोनिया गांधी ने किसी और बड़े मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की। न ही उन्होंने एफडीआई पर कोई बयान दिया औन न ही महंगाई पर वे कुछ बोलीं। मंच पर आकर उन्होंने सबसे पहले यूथ कांग्रेस के चुनावों के लिए बधाई दी। इसके बाद आरटीआई और मजबूत लोकपाल बिल की बात कही। हाल में पार्टी और सरकार में फैले भ्रष्टाचार पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की।
सोनिया गांधी से पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी इस मंच से यूथ कांग्रसे सम्मेलन में शामिल होने वाले युवा कांग्रेस नेताओं को संबोधित किया। मनमोहन सिंह ने इस मंच का इस्तेमाल विरोधी पार्टियों को घेरने में किया। एफडीआई मामले पर पीएम ने कहा कि इस मामले पर फैसला जल्दबाजी में नहीं किया है। इससे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। उन्होंने विरोधी पार्टियों से सहयोग की भी अपील की। गौरतलब है कि इस मामले पर पिछले कई दिनों से संसद की कार्रवाई सुचारू रूप से नहीं चल पाई है।












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