अलग-अलग धर्मों के लिए पांच बच्चे गोद

इसी तरह गुरकीरत सिंह, जो 9 वर्ष की ही आयु में अपने मां-बाप से जुदा हो गया था, इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। बशीर और गुरकीरत की तरह तीन और अनाथ बच्चे इस परिवार का अहम् हिस्सा है। अनाथ बच्चों को मां-बाप का प्यार देने वाले जसपाल सिंह के परिवार में 8 वर्षीय अनुज, 7 वर्षीय अभिषेक और 6 वर्षीय अभिजीत शिक्षा ग्रहण कर रहे है। इन बच्चों के लालन-पालन में जसपाल सिंह और उसकी पत्नी दलजीत कौर मां-बाप का प्यार दे रहे है।
परिवार की तीनों बेटियों ने भी इन अनाथ बच्चों की पढ़ाई में अपने मां-बाप की तरह बहिनों का प्यार दिया है। दिलचस्प बात यह है कि परिवार के सभी जन एक साथ भोजन करते है। बच्चे किसी गलत संगत में न चले जाए, इसके लिए एक अभिभावक की तरह सिख दंपति पूरा ध्यान रखती है। वर्ष 2007 में निरभों-निखैर आश्रम के माध्यम से की जा रही समाजसेवा में यह अनाथ बच्चे,जिन्हें परिवारजन कहना उचित रहेगा, पूर्ण सहयोग देते है।
जसपाल सिंह ने "प्रैसवार्ता" से कहा कि ऐसा करने से उन्हें आत्म संतुष्टि मिलती है और वह चाहते है कि समर्थ इंसान अपने जीवन में यदि एक-एक अनाथ बच्चे को सहारा दे, तो विश्व में कोई भी अनाथ नहीं रहेगा। दलजीत कौर ने बताया कि अब्दुल व गुरकीरत 13 वर्षों से उनके साथ है और इन्हें अपनी संतान ही समझा है। अपने पैरों पर जब दोनो खड़े हो जाएंगे, तो धूमधाम से इनकी शादी करेंगे, जबकि दूसरे बच्चे अभी छोटे है।












Click it and Unblock the Notifications