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आत्महत्या के मामले में सीआरपीएफ अव्‍वल, अबतक 38 खुदकुशी

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CRPF tops in suicide cases among central forces
दिल्‍ली। इस साल जवानों द्वारा आत्महत्या के 38 मामलों के साथ देश का सबसे बडा अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ अर्धसैनिक बलों में इस तरह की घटनाओं के मामले में शीर्ष पर पहुंच गया है। सहयोगियों पर सबसे अधिक फायरिंग के तीन मामले केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल में हुए। इस बल में तीन लाख के लगभग जवान हैं। आत्महत्या के 38 मामलों के साथ सीआरपीएफ ऐसे मामलों में सभी अर्धसैनिक बलों से आगे है।

केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह ने लोकसभा को बताया कि सीमा सुरक्षा बल में ऐसे 36 मामले हुए जबकि सशस्त्रा सीमा बल में 11 और केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में 10 मामले। उन्होंने बताया कि असम राइफल्स में आठ, भारत तिब्बत सीमा पुलिस में चार और राष्टीय सुरक्षा गार्ड में दो घटनाएं इस साल हुइ। मंत्री ने लिखित जवाब में बताया कि अधिकांश मामलों में आत्महत्या की वजह निजी और घरेलू थी मसलन वैवाहिक जीवन संकटपूर्ण होना, निजी दुश्मनी, मनोरोग या अवसाद।

उन्होंने कहा कि सरकार इस समस्या से निपटने के लिए डयूटी के समय को नियमित कर रही है ताकि सुनिश्चित हो सके कि जवानों को आराम का पर्याप्त समय मिले और जरूरतमंद जवान को समय आने पर छुटटी मिल सके। साथ ही उनके लिए खेल, योग, ध्यान जैसी चीजें आयोजित करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

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English summary
With 38 cases of suicide by its personnel this year, the country's largest paramilitary force CRPF leads the chart of such incidents among all central security forces.
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