यूपी के चार टुकड़े का प्रस्ताव विधानसभा में पारित हुआ

सोमवार को सुबह 11 बजे से विधानसभा का शीतकालीन सत्र हुआ हुआ। हंगामें के आसार पहले से ही थे। मायावती के समय से न पहुंचने पर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। सपा विधायक मायावती के खिलाफ तख्तियां लेकर नारेबाजी करने लगे। उनकी मांग थी कि सरकार अल्पमत है इसलिए वह पहले बहुमत सिद्घ करे। दोपहर साढ़े बारह बजे मुख्यमंत्री मायावती सदन पहुंची।
इसी बीच खबर आयी कि लेखानुदान विधेयक पारित कर लिया गया। वहीं यह कयास लगाये जा रहे थे कि उत्तर प्रदेश के चार हिस्सों के बंटवारे का प्रस्ताव विपक्ष किसी भी कीमत पर पास नहीं होने देगा। सपा ने पहले ही घोषणा कर दी थी यदि सरकार सदन में यह यूपी बंटवारे का प्रस्ताव लाती है तो उसे पारित नहीं होने दिया जायेगा। वहीं अपने पूर्व एलान पर टिकी बसपा सरकार ने ध्वनि मत से यह प्रस्ताव पारित कर लिया। इसी के साथ सदन की कार्रवाई अनिश्चितकालीन के लिए स्थगित कर दी गयी। सदन की कार्रवाई वैसे भी दो दिन ही चलनी थी। लेखानुदान विधेयक व यूपी बंटवारे का प्रस्ताव पारित होने के बाद सत्र स्थगित कर दिया गया।
उधर विपक्ष ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए मायावती सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि उन्हें पहले से ही आंशका थी मायावती ऐसा कर सकती हैं। भाजपा ने इसे अलोकतांत्रित कदम बताया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र ने कहा कि यूपी को चार हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव ऐसे ध्वनि मत से पारित नहीं किया जा सकता, इसके लिए बकायदा सदन में चर्चा होनी चाहिए। इसमें विपक्ष की भी राय ली जानी चाहिए। बहरहाल मायावती ने यूपी बंटवारे की गेंद पर केन्द्र के पाले में डाल दी है। देखना यह है कि अब केन्द्र सरकार इस पर क्या करती है।












Click it and Unblock the Notifications