रिलायंस इंड्रस्टीज पर सरकार की मार, होगी कार्रवाई

ये सुविधाएं फिलहाल कम इस्तेमाल हो रही हैं या उत्पादन घटने के कारण ये जरूरत से अधिक हो गई है। जानकार सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय ने सोलिसिटर जनरल की राय के आधार पर इस आशय का फैसला इसी माह किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले के तहत कंपनी को 1.85 अरब डालर के खर्च को मंजूरी नहीं दी जाएगी और रिलायंस इंडस्टीज से इसकी वसूली की कार्रवाई शुरू की गई है।
कंपनी इस मद में कुल मिलाकर 5.694 अरब डालर का निवेश पहले ही कर चुकी है। पेट्रोलियम मंत्रालय एस जयपाल रेड्डी ने नौ नवंबर को निर्देश दिया कि रिलायंस इंडस्टीज के खिलाफ (नैतिकता के आधार पर) कार्रवाई शुरू की जा सकती है। डी-1 व डी-3 क्षेत्र से प्राकृतिक गैस का उत्पदन मार्च 2010 में 5.4 करोड़ घन मीटर प्रति दिन था जो फिलहाल घटकर 3.5 करोड़ घनमीटर प्रतिदिन रह गया है जबकि इसे बढाकर 6.188 करोड़ घनमीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य था।












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