शिवराज सिह चौहान मुश्किल में, मिला अविश्वास प्रस्ताव

जबकि भाजपा के घषणा पत्र में इन पदार्थो के दाम कम करने का वायदा किया गया था और सरकार में आने के बाद वह इसे भुला बैठी है। इस बीच विपक्ष के नेता अजय ने कहा कि चूंकि राज्य सरकार महंगाई कम करने का उपाय करने की इच्छाशक्ति नहीं दिखा रही है, इसलिए वह अपने साथियों सहित बहिर्गमन करते हैं। इस दौरान कांग्रेस पक्ष के सदस्यों ने राज्य सरकार और महंगाई के खिलाफ सदन में नारेबाजी भी की।
एक लाइन के इस प्रस्ताव में कहा गया कि यह सदन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में कार्यरत मंत्रिमंडल के प्रति अविश्वास प्रकट करता है। अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में कांग्रेस के 50 सदस्यों के खड़ा होने पर विधानसभा अध्यक्ष ईवरदास दास रोहाणी ने प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए इस पर चर्चा के लिये आगामी 28 एवं 29 नवंबर की तिथि निर्धारित की। प्रदेश में वर्ष 2003 में भाजपा की सरकार बनने के बाद यह पहला मौका है जब कांग्रेस द्वारा भाजपा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया है।
कांग्रेस के हेमराज सिंह कल्पोनी के सवाल के जवाब में वित्त मंत्री राघवजी ने कहा कि राज्य सरकार अपने यहां लागू करों की समीक्षा बजट तैयार करते समय ही करती है और पेट्रोल, डीजल सहित रसोई गैस पर वैट की वर्तमान दर की समीक्षा भी अगला बजट तैयार करते समय की जाएगी।
विपक्ष के नेता अजय सिंह राहुल ने इस पर आपत्ति प्रकट करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में अन्य राज्यों की तुलना में सबसे अधिक वैट और घरेलू रसोई गैस पर प्रवेश कर लागू है। अपने नागरिकों को महंगाई से राहत देने के लिए सरकार को तत्काल वैट की बढ़ी हुई दरों को कम करना चाहिए। कांग्रेस की कल्पना परूलेकर ने कहा कि वित्त मंत्री की नीयत साफ नहीं है, इसलिए वह पेट्रोलियम पदार्थो के दाम कम करने के उपाय करने के बजाए टालमटोल कर रहे हैं।












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