झुलसते किन्नरों को लूट रही थी दिल्ली पुलिस

दिल्ली में इस भयावह हादसे के बाद सोफिया नामक किन्नर ने बताया कि जब वह अपनों से मिलने के लिये अस्पताल पहुंची तो वहां उन्हें जानकारी नहीं दी गई। रोते और बिलखते हुए सोफिया ने आरोप लगाया कि काफी मशक्कत के बाद जब वह अपनों से मिली तो उनके शरीर पर मौजूद गहने गायब थे। सोफिया ने आरोप लगाया है कि पुलिस वाले घायलों को एंबुलेंस में ले जाते समय उनके शरीर से गहने निकाल रहे थे। हालांकि दिल्ली पुलिस की तरफ से इस संबंध में कोई आधाकारिक बयान नहीं आया है।
आपको बताते चलें कि रविवार को राजधानी दिल्ली की नंद नगरी में चल रहे किन्नरों के एक समारोह में भीषण आग जाने से 15 किन्नरों की दर्दनाक मौत हो गई और लगभग 50 से ज्यादा किन्नर घायल हो गये। यह आग देर शाम 6:55 बजे कम्युनिटी सेंटर में लगाये गये टेंट में लगी। सूत्रों की मानें तो शार्ट सर्किट आग लगने का कारण था। किन्नरों का यह सम्मेलन 3 दिसंबर तक होने वाला था। हादसे के बाद मौके पर मातम छा गया और किन्नर शोक मना रहे हैं।
पुलिस ने नहीं मगर स्थानीय लोगों ने दिखाई इंसानियत
आजमगढ़ से सम्मेलन में हिस्सा लेने आई रेखा नामक किन्नर ने बताया कि स्थानीय लोग हादसे का शिकार बने लोगों की मदद के लिए फौरन आगे आए। मालूम हो कि किन्नर इस सम्मेलन को पूरी गोपनीयता के साथ करते हैं। अपने समुदाय के लोगों के अलावा किसी को भी इसमें झांकने भर की इजाजत नहीं होती। रेखा ने बताया कि अचानक उसे दीवार की तरफ से आग की लपटें आती हुई दिखाई दीं। जब तक की कुछ समझ में आता तबतक आग ने पूरे पंडाल को अपनी आगोश में ले लिया था।
रेखा ने बताया कि भगदड़ मच और सब लोग अपना सामान छोड़कर बाहर भागने लगे। उसने बताये कि बाहर आते आते किसी के कपड़े फट चुके थे तो काई अर्धनग्न अवस्था में बुरी तरह जख्मी हो चुका था। रेखा ने बताया कि ऐसे में कॉलोनी के वे लोग, जो इस समारोह से पूरी तरह कटे हुए थे , इनकी मदद के लिए दौड़ पड़े। किन्नरों ने बताया कि लोगों ने उन्हें पहनने के लिए कपड़े दिए और अपने घरों में पनाह दी।












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