गीता सार या साम्‍प्रदायिकता को न्‍योता: काग्रेंस

shivraj singh chouhan
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के स्कूलों में गीता की शिक्षा दिए जाने की बात कहकर विवाद को हवा दे दी है और विपक्षी कांग्रेस ने इसे शिक्षा का भगवाकरण करार दिया है। मुख्यमंत्री ने कुछ दिन पहले इंदौर में इस आशय की घोषणा की थी और तभी से वह तमाम तरह की आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं।

हालांकि चौहान इन आलोचनाओं से विचलित नहीं हैं और अपने कदम को सही मानते हैं। उनका कहना है कि किसी को भी गीता के बारे में पढ़ाई से परेशान इसलिए नहीं होना चाहिए क्योंकि यह हिन्दुओं के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक ग्रंथ है। चौहान के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मध्यप्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मानक अग्रवाल ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और यहां किसी को इस तरह की बात करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

मानक ने कहा कि कांग्रेस गीता के खिलाफ नहीं है, लेकिन वह चाहती है कि अगर गीता के बारे में पढ़ाया जाए तो कुरान, बाइबल और गुरुग्रंथ साहब के बारे में भी पढ़ाया जाना चाहिए। मध्यप्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता अजय सिंह ने कहा कि चौहान ने ऐसा कहकर प्रदेश में शिक्षा के भगवाकरण का प्रयास किया है। अजय ने कहा कि स्कूल विद्यार्जन का स्थान है हवन या गीता पाठ की जगह नहीं है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस विधानसभा और उसके बाहर जोर शोर से मुख्यमंत्री की इस योजना का विरोध करेगी।

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