पवार का दावा-देश में नहीं है दूध की कमी

sharad pawar
नयी दिल्ली। देश में दूध के दामों में लगातार तेजी का सिलसिला जारी है पर कृषि मंत्री शरद पवार ने आज कहा कि इसकी आपूर्ति में कोई समस्या नहीं है। पवार ने साथ में यह भी कहा कि यह कहना मुश्किल है कि दूध के दाम कब कम होंगे। पवार ने यहां प्रगतिशील डेयरी किसानो के सम्मान में आयोजित एक समारोह के मौके पर संवाददाताओं से कहा कि मैं नहीं कह सकता कि कीमतें कब कम होंगी।

कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है लेकिन उत्पादन के लिहाज से मुझे लगता है कि उपलब्धता में कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि दूध की कीमतें बढ़ने का कारण चारा जैसे लागत मूल्यों का बढ़ना है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा रखे जाने वाले आंकड़ों के अनुसार पिछले एक वर्ष में दूध का खुदरा मूल्य करीब 28 प्रतिशत बढ़ा है। मुंबई में दूध महंगा होकर 36 रुपये प्रति लीटर, दिल्ली में 29 रुपये प्रति लीटर, कोलकाता में 22 रुपये प्रति लीटर और चेन्नई में 21 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति के बढ़ने में एक बड़ा योगदान दूध की अधिक कीमतें भी हैं जो मुद्रास्फीति अभी दोहरे अंक में है।
मौजूदा समय में सरकार टैरिफ रेट कोटा (टीआरक्यू) के तहत 50,000 टन स्किम्डदूध पाउडर और 15,000 टन बटर आयल के शुल्क मुक्त आयात को अनुमति देती है।

इससे अधिक (पाउडर के) आयात पर 60 प्रतिशत का और (वसायुक्त पर) 30 प्रतिशत का अधिक सीमा शुल्क लगता है। दूध की घरेलू आपूर्ति को बढ़ाने के लिए स्किम्ड मिल्क पाउडर (एसएमपी) के शुल्क मुक्त आयात के अधिक का आयात करने पर लगने वाले शुल्क दर को सरकार बढ़ायेगी अथवा नहीं, पवार ने कहा कि हमें मौजूदा स्तर से अधिक बढ़ाने की कोई आवश्यकता महसूस नहीं हो रही है।

पवार ने कहा कि दूध की मांग तेजी से बढ़ रही है जबकि भारत दुनिया में दूध का सबसे बड़ा उत्पादक देश है जहां 11.62 करोड़ टन का उत्पादन होता है। ग्रामीण भारत में करीब 70 प्रतिशत किसान डेयरी फार्मिग में संलग्न हैं। दूध का उत्पादन और उसकी उत्पादकता बढ़ाने के लिए डेयरी किसानों को पर्याप्त प्रौद्योगिकी और धन से सहायता दिये जाने की जरुरत पर बल देते हुए मंत्री ने कहा कि हमें राष्‍ट्रीय डेयरी योजना के पहले चरण के चालू वित्तवर्ष में शुरु किये जाने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए विश्व बैंक की तरफ से 1,584 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिली हुई है। यह योजना दुधारु पशुओं की उत्पादकता को बढ़ाने तथा दूध खरीद के आधारभूत ढांचे का विस्तार करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय 12वीं योजनावधि (वर्ष 2012..17) में मवेशी क्षेत्र के आगे के विकास का प्रारूप तैयार कर रहा है। पवार ने पशुपालन और डेयरी विभाग के राज्यमंत्रियों के राष्‍ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने 28 राज्यों के डेयरी किसानों को 56 पुरस्कार भी प्रदान किये।

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