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मप्र में जूनियर डाक्‍टरों की हड़ताल, मरीज बेहाल

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madhya pradesh
इंदौर। मध्यप्रदेश में इंदौर समेत तीन शहरों के सरकारी अस्पतालों में जूनियर डाक्टरों के आज से बेमियादी हड़ताल पर जाने से चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। जूनियर डाक्टरों ने अपना मानदेय बढ़ाने समेत अलग-अलग मांगों पर प्रदेश सरकार के कथित तानाशाहीपूर्ण रवैये के खिलाफ हड़ताल का कदम उठाया।

सेंटल जूनियर डाक्टर्स एसोसिएशन (सीजेडीए) की समन्वयक समिति के संगठक मनोज कुमार गुप्ता ने यहां भाषा को बताया कि इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के सरकारी मेडिकल महाविद्यालयों से सम्बद्ध अस्पतालों के करीब 700 जूनियर डाक्टर आज से बेमियादी हड़ताल पर हैं। गुप्ता ने कहा कि भोपाल और रीवा के सरकारी अस्पतालों के जूनियर डाक्टर कल 15 नवंबर से बेमियादी हड़ताल में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि जूनियर डाक्टरों की प्रमुख मांगों में उनके मानदेय में इजाफा और प्रदेश में मेडिकल विश्वविद्यालय की स्थापना शामिल हैं।

गुप्ता ने कहा कि हम इन मांगों को लेकर पिछले 14 महीनों से संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन इस सिलसिले में प्रदेश सरकार का रवैया तानाशाहीपूर्ण है। वह आश्वासनों का झुनझुना थमाकर हमें बेवकूफ बनाती रही है। उन्होंने बताया कि इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवायएच) में करीब 300 जूनियर डाक्टर हड़ताल पर हैं। प्रदेश के बड़े़ सरकारी अस्पतालों में गिना जाने वाला एमवायएच महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कालेज से जुड़ा है।

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English summary
11,000 junior doctors today went on an indefinite strike in five Government medical colleges of Madhya Pradesh.
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