राहुल गांधी की 'नौटंकी' या मायावती का 'डर'

Rahul Gandhi, Mayawati
लखनऊ (अजय मोहन)। उत्‍तर प्रदेश की राजधानी को शनिवार को एक और विश्‍वविद्यालय मिला और लखनऊ के एजूकेशन हब को नई मजबूती मिली। यह मजबूती का बखान मुख्‍यमंत्री मायावती ने खुद किया। लेकिन एक बात जो उनके चेहरे पर साफ दिखाई दे रही थी वो था एक अजीब सा डर। वो डर ही था कि अपनी उपलब्धियों का बखान करते-करते मुख्‍यमंत्री ने विपक्षी दलों को कोसना शुरू कर दिया, जिसमें सबसे पहला टार्गेट राहुल गांधी थे। उन्‍होंने राहुल गांधी से साफ कहा कि वो यूपी में आकर नौटंकी न करें।

आज हम बात इसी नौटंकी और डर की ही करेंगे। राहुल गांधी को अगर मायावती ने नौटंकी बाज कहा है, तो इसमें कोई बड़ी बात नहीं। सच पूछिए तो जाने अंजाने में वो ऐसा काम कर जाते हैं, कि लोगों को उनके हर कदम नौटंकी लगने लगते हैं। राहुल गांधी जब जब यूपी में दौरा करने आते हैं तब तब किसी न किसी किसान की झोपड़ी में घुस जाते हैं। वहां दाल रोटी खाकर पेट भरते हैं और शाम होते-होते अपनी चौपाल लगा लेते हैं। रात बिताने के बाद पता चलता है कि वो किसान दलित था। ऐसा पहली बार हुआ तो दुनिया भर के मीडिया ने कवरेज दिया। दोबारा, तिबारा भी खूब कवरेज मिला, लेकिन बार-बार होने पर राहुल की टीआरपी डाउन हो गई। यही कारण है कि माया समेत सभी गैर कांग्रेसी नेताओं को राहुल गांधी की बातें नौटंकी लगने लगीं।

राहुल गांधी ने अभी तक अपना नाता पूरी तरह गरीब किसानों से जोड़ रखा है। वो बार बार उन्‍हीं से मिलकर दिल्‍ली वापस लौट जाते हैं। वे लखनऊ के चौक, नक्‍खास, अमीनाबाद या कानपुर के बर्रा क्‍यों नहीं जाते। अगर राहुल यूपी आने पर बरेली के बाजार से लेकर इलाहाबाद के गंगा घाट और गोरखपुर के शास्‍त्रीनगर जैसे इलाकों में जायें और मध्‍यमवर्गीय लोगों से बात करें, तो शायद उनके दौरे लोगों को नौटंकी नहीं लगें।

खैर लोगों को अलग कर अगर मायावती की बात करें तो वो राहुल के हर कदम को नौटंकी इसलिए करार देती हैं, क्‍योंकि वो उनके आने से सबसे ज्‍यादा चोट बसपा को ही लगती है। राहुल गांधी सीधा वार उनके दलित वोट बैंक पर करते हैं और उन गरीब किसानों पर करते हैं, जो मायाराज में सबसे ज्‍यादा त्रस्‍त हैं। खैर सच पूछिए तो मायावती ने बालिकाओं को 15 हजार रुपए की छात्रवृत्ति, साइकिल, बाल पुष्‍टाहार योजना, बाल अनिवार्य शिक्षा योजना से लेकर तमाम योजनाएं गिनायीं तो लगा कि हां कहीं न कहीं मायावती ने कुछ किया है। लेकिन फिर किस बात का डर।

असल में वो डर है भ्रष्‍टाचार का जिसके ऊपर से अभी तक पर्दा नहीं उठा है। अगर भारतीय जनता पार्टी के दावे सच्‍चे निकले, तो जो हाल केंद्र सरकार के राजा का है, वहीं हाल आगे चलकर माया का हो सकता है। भाजपा ने माया के 100 घोटालों की सीरीज पर पूरी किताब छपवा दी है। जाहिर है अगर भाजपा की सरकार आयी तो वो उस किताब को सीधे सीबीआई के हवाले कर देगी। रही बात कांग्रेस की तो यूपी में उसका सिक्‍का जमता नहीं दिखाई दे रहा है लेकिन जिस प्रकार राहुल गांधी अपना चुनावी अभियान चला रहे हैं, उससे वो बसपा के वोट काट जरूर सकती है। यह सभी बातें मायावती बखूबी जानती हैं, इसीलिए शनिवार की सुबह राहुल गांधी को गरियाते समय वो दांत पीस-पीस कर बोल रही थीं।

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