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भंवरी, मधुमिता और शशि: मंत्रियों की हवस का शिकार

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Bhanwari devi, Madhumita Shukla, Shashi Prasad
आज चारों ओर राजस्थान के चर्चित केस नर्स भंवरी देवी का जिक्र हो रहा है। वो भंवरी जो एक मामूली नर्स से लोकगायिका बन बैठीं और साथ ही करोड़ो की मालकिन भी। जो सबूत सामने आ रहे हैं उससे तो यही लगता है कि भंवरी को यह मुकाम दिलाने वाले थे कांग्रेस के पूर्व नेता महिपाल मदेरणा।

जिन्होंने सीबीआई के सामने भंवरी से रिश्तों का बात कबूली है। भंवरी के बारे में कहा जा रहा है कि वो महिपाल को ब्लैकमेल करने लगी थी जिसके कारण उसे गायब करवा दिया गया। अभी तक यह तय नहीं है कि भवंरी जिंदा भी है या मर गयी। भंवरी ने अपनी और महिपाल की एक अश्लील सीडी को सार्वजनिक करने की बात कही थी, जिसके चलते वो गायब हो गयी। अब क्या सच है और क्या झूठ इस पर से पर्दा हटने में थोड़ा वक्त बाकी है।

लेकिन आपको बता दें कि यह कोई पहला मामला नहीं है जिसमें एक मंत्री ने एक महिला के साथ रासलीला रचाई और मन भर जाने के बाद उससे बचने के लिए या तो उसे मौत के घाट उतरवा दिया या फिर उसे कहीं गायब करवा दिया जिसका सुराग आज तक किसी को नहीं मिला।

बात करते हैं कि यूपी के चर्चित मधुमिता हत्याकांड की। कवयित्री मधुमिता शुक्ला की 9 मई 2003 को लखनऊ की पेपर मिल कालोनी में गोलीमार कर हत्या कर दी गयी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वह गर्भवती बतायी गई थी। उसका और तत्कालीन सरकार में मंत्री रहे अमरमणि त्रिपाठी से मधुमिता के काफी करीबी रिश्ते थे।

बताया जाता है कि मधुमिता मां बनने वाली है यह बात जैसे ही अमरमणि को पता चली उसने अपनी पत्नी संग मिलकर उसकी हत्या करवा दी। क्योंकि मधुमिता को अमरमणि के काले कारनामों का पता था, उसने धमकी दी थी कि अगर वो उनसे शादी नहीं करते तो उनके सारे राज उगल देगी। जिसके बाद मधुमिता को खुद खतरनाक मौत मिल गयी। हालांकि थोड़ा देर से सही लेकिन अमरमणि और उसकी पत्नी को उनके किये की सजा मिली और उन्हें दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास मिला।

कुछ ऐसा ही हुआ था फैजाबाद की शशि के साथ। लॉ की छात्रा शशि भी एक मंत्री आनंदसेन के प्रेम के चंगुल में फंस गयी थी। जिसका खामियाजा भी शशि को अपनी दर्दनाक मौत से चुकाना पड़ा। 22 अक्टूबर 2007 को फैजाबाद से अपने घर से गायब हुई शशि के बारे में लंबी छानबीन के बाद पता चला कि उसकी हत्या कर दी गयी है।

शशि के पिता एक राजनीतिक कार्यकर्ता थे। राजनीतिक पृष्ठभूमि के परिवार की तेज तर्रार शशि की आंखों में विधानसभा से चुनाव लड़कर विधायक बनने का सपना था। और इस सपने को साकार करने का सपना शशि को दिखाया खुद आनंद सेन ने। और इसी सपने के जरिए शशि आनंद सेन के करीब होती चली गई। और नतीजा हुआ उसकी दर्दनाक मौत।

यह वो किस्से हैं जो न्यूज पेपरों और चैनलों में लंबे समय तक हेडलाइन बने रहे। हालांकि इन तीनों ही केस में शिकार महिला ही हुई है। मधुमिता और शशि की तो हत्या हुई थी, यह बात साबित हो गयी लेकिन भंवंरी के बारे में अभी यह कहा नहीं जा सकता है। लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर इस तरह के किस्से सामने क्यों आते हैं?

आखिर क्यों पढ़ी-लिखी प्रतिभा संपन्न महिलाएं अपनी प्रबल महात्वाकांक्षाओं के चलते उस प्रेम के मकड़जाल में फंस जाती है, जहां से निकल पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होता है। इसके लिए काफी हद तक जिम्मेदार समाज के रसूखदार सत्ताधारी लोग भी हैं जिन्हें औरतों की इस कमजोरी का फायदा उठाना बड़ी अच्छी तरह से आता है।

सत्ता और पैसे के दम उन्हें लगता है कि वो किसी भी चीज को खरीद सकते हैं चाहे वो किसी औरत की इज्जत ही क्यों ना हो? अमरमणि त्रिपाठी, आनंदसेन और महिपाल मदेरणा ने अपनी जिंदगी में केवल मधुमिता, शशि या भंवरी को ही शिकार बनाया हो कह पाना बहुत कठिन है। ये तो वो नाम है जो अपनी ही गलतियों के शिकार होकर इन सबके बदनाम कामों को उजागर कर गये। ना जाने कितने नाम ऐसे होंगे जिन्हे शिकार करके छोड़ दिया गया होगा।

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English summary
Bhanwari devi, Madhumita Shukla, Shashi Prasad killed by Ministrs. Maderna admitted that he had links with the missing nurse Bhanwari Devi. Madhumita Shukla was killed by Minister Amarmani Tripathi and law student was Shashi Prasad killed by Minister Anand Sen Yadav. The Reason Behind these case only love, sex, power and money.
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