बेटी को लावारिस छोड़ने वाले माता-पिता गिरफ्तार

छह बेटियां और बढ़ती महंगाई से छुटकारा पाने के लिए निर्दयी माता-पिताने अपनी सात वर्षीय बेटी को अंसल प्लाजा के पास लावारिस हालत में छोड़ दिया। डिफेंस कॉलोनी थाना पुलिस ने करीब दस महीने बाद बच्ची के माता-पिता को ढूंढ निकाला। पुलिस ने माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया है। दक्षिण जिला डीसीपी छाया शर्मा ने बताया कि अंसल प्लाजा के सिक्योरिटी सुपरवाइजर सुनील कुमार ने 25 जनवरी को अंसल प्लाजा में सात वर्षीय बच्ची लता (परिवर्तित नाम) के लावारिस हालत में होने की सूचना डिफेंस कॉलोनी थानाध्यक्ष विजय सिंह को दी थी। बच्ची ने बताया था कि उसके माता-पिता उसे अंसल प्लाजा लेकर आए थे और छोड़कर चले गए।
थानाध्यक्ष की देखरेख में माता-पिता को ढूंढने के लिए विशेष टीम बनाई गई। जांच में पता लगा कि बच्ची के माता-पिता मुंगेर (बिहार) के रहने वाले हैं। बच्ची ने बताया था कि मां बिहार मुंगेर में फूलपुर रेलवे स्टेशन के पास चाय की दुकान लगाती है। कई बार पुलिस टीम बिहार गई लेकिन दम्पति के बारे में कुछ पता नहीं चल सका। पुलिस ने बिहार में कई जगह दबिश दी मगर कहीं कुछ पता नहीं लगा। इस बाबत पुलिस ने केस दर्ज कर बच्ची को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी लाजपत नगर में पेश कर उसे गैर सरकारी संस्था प्रयास के हवाले कर दिया था। आखिरकार पुलिस की एक टीम फिर से छठ पूजा की बात को ध्यान में रखकर बिहार भेजी गई. इस बार पुलिस को फूलपुर रेलवे स्टेशन के पास से जानकारी मिली कि इन दिनों बच्ची के मां-बाप यूपी गाजियाबाद के क्लस्टर एरिया में रह रहे हैं।
पुलिस टीम ने गाजियाबाद पहुंच बड़ी संख्या में रिक्शा चलाने वालों से पूछताछ की जिसके बाद वह इस दम्पति तक पहुंची। बकौल पुलिस दोनों से हुई पूछताछ में खुलासा हुआ कि उनकी छह बेटियां थीं. आमदनी कम होने व बढ़ती महंगाई के चलते परिवार का पालन-पोषण काफी मुश्किल लग रहा था। चूंकि यह बेटी थोड़ी बड़ी थी इसलिए उसे यहां लाकर छोड़ देने का फैसला ले लिया। आखिरकार पुलिस टीम ने गाजियाबाद के झुग्गी-झोपड़ी इलाके से पिता प्रमोद पासवान और माता सुनीता को गिरफ्तार कर लिया। रिक्शा चालक प्रमोद ने बताया कि छह बेटी होने और गरीबी के से लता को अंसल प्लाजा में छोड़ दिया था।












Click it and Unblock the Notifications