मौन तोड़ते ही गरजे अन्ना, कहा कांग्रेस सुधर जाओ

दिग्गी राजा के सवाल पर अन्ना ने कहा कि उनके बातों का जवाब देने लगा तो मुझे अपना इलाज मानसिक अस्पताल में करवाना पड़ेगा। अन्ना ने साफ कहा कि सरकार अभी भी जनलोकपाल बिल पर अपना रूख साफ नहीं कर रही है। इसलिए अगर वो बिल नहीं लाती है तो मैं खुद उन पांच राज्यों में जहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, वहां कांग्रेस के खिलाफ प्रचार करूंग।
अन्ना ने कहा कि कांग्रेस को उत्तराखंड सरकार से सबक लेना चाहिए जिसने शक्तिशाली लोकायुक्त बिल अपने राज्य में पारित किया है। अन्ना ने कहा कि कांग्रेस जनलोकपाल बिल के टुकड़े-टुकड़े कर रही है। कांग्रेस और भाजपा के प्रश्न पर अन्ना ने कहा कि कोई दूध का धूला नहीं है, एक ने भ्रष्टाचार में डॉक्टरेट कर ली है तो एक ने पीएचडी।
यहां आपको बता दें कि आज सुबह राजघाट में महात्मा गांधी की समाधी का दर्शन करने के बाद अन्ना हजारे ने अपना मौन व्रत तोड़ दिया। मौनव्रत तोड़ने के बाद अन्ना के पहले शब्द थे 'भारत माता की जय'। उसके बाद अन्ना ने कहा कि अब वह पूरी तरह से स्वस्थ महसूस कर रहे हैं। उन्हें नयी ऊर्जा और नई शक्ति मिल गयी है। बापू की समाधी पर मत्था टेककर उन्हें काफी सकून का एहसास हो रहा है।
मौन व्रत तोड़ने के बाद अन्ना ने यह भी कहा कि उनका मौन व्रत किसी के खिलाफ नहीं था बल्कि रामलीला मैदान में चले 12 दिन के अनशन के बाद उनकी शक्ति चली गयी थी, इसलिए अपनी ऊर्जा वापस लाने के लिए अन्ना ने मौन व्रत रखा था। मालूम हो कि अन्ना 16 अक्टूबर से मौन व्रत पर थे।












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