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गद्दाफी ने बनाया था रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल की योजना

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संयुक्त राष्ट्र। मुअम्मर गद्दाफी के शासन के खिलाफ चले युद्ध के दौरान लीबिया और नाटो के खुफिया एजेंट गद्दाफी के मस्टर्ड गैस के भंडार की रखवाली करते रहे ताकि पूर्व तानाशाह के समर्थक सुरक्षा बल इनका इस्तेमाल नहीं कर सकें। जिससे रासायनिक हथियारों को अलकायदा सहित आतंकी समूहों के हाथों में जाने से रोका जा सके। इस क्षेत्र में हथियारों विशेषकर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल या मैनपैड्स के प्रसार पर भी चिंता जाहिर की गयी है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने लीबियाई अधिकारियों से हथियार और मिसाइलों को सुरक्षित रखने के लिए ठोस उपाए सुनिश्चित करने को कहा है। कल सर्वसम्मति से स्वीकार किए गए प्रस्ताव में 15 सदस्यीय परिषद ने लीबिया पर लगाये गये प्रतिबंधों को देखने वाली समिति से आंतकी समूहों के हाथों में हथियारों को जाने से रोकने संबंधी प्रस्ताव तैयार करने को कहा। लीबिया से सभी हथियारों और इससे संबंधित सभी तरह की सामग्रियों के प्रसार पर रोक के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।

खुफिया दल संयुक्त राष्ट्र के संज्ञान में केवल मस्टर्ड गैस का सिर्फ एक भंडार था। लेकिन लीबिया के नए शासन ने आज खुलासा किया कि ऐसे दो भंडार और भी मौजूद हैं। लीबिया में जहरीली गैस संबंधी मामलों के विशेषज्ञ यूसुफ सफी ने कहा कि दोनों भंडारों का पता लगा लिया गया है और इनसे किसी तरह का खतरा नहीं है। लीबिया के गृह सुरक्षा प्रमुख मंसूर दाउद ने कहा कि गद्दाफी की योजना रसायनिक हथियारों के इस्तेमाल की थी। लेकिन अमेरिकियों की निकट मौजूदगी देखते हुए उसने अपनी योजना बदल दी।

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English summary
Nato air power prevented Muammar Gaddafi's forces reaching secret stockpiles of mustard gas during the nine-month war, it has been claimed.
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