'इस्तीफा देकर निरूपम को याद दिलाऊंगा उसकी औकात और सिखाऊंगा सबक'

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिवसेना के विधायक विनोद घोसालकर ने कहा है कि ' मैं एक एमएलए हूं इसलिये मेरी कुछ सीमा और गरिमा है, मैं कभी भी संवैधानिक शपथ के खिलाफ नहीं जा सकता। इसलिये मैंने सोच लिया है कि आगामी 5 नवंबर को मैं शिवसेना के कार्याध्यक्ष उद्धव ठाकरे को इस्तीफा दे दूंगा।' श्री घोसालकर ने कहा है कि इस इस्तीफा मैं इस लिये दे रहा हूं कि ताकि संजय निरूपम को उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे के खिलाफ बयान देने पर सबक सिखा सकूं और उनको उनकी औकात याद दिला सकूं।
काबिलेगौर यह है कि रविवार को संजय निरूपम के बयान से नाराज कुछ शिव सैनिकों ने कांदिवली स्थित निरूपम के दफ्तार पर पथराव किया था और निरूपम के पोस्टर भी फाड़े गये थे। इस पथराव की जिम्मेदारी विनोद घोसालकर ने स्वंय ली है। इससे पहले इस मामले ने तुल उस वक्त पकड़ लिया था जब निरूपम और ठाकरे के पोस्टरों पर कालिख पुता हुआ देखा गया था।
मालूम हो कि इस विवाद की शुरुआत निरूपम के एक बयान को लेकर शुरु हुई थी। अपने बयान में निरूपम ने कहा था कि मुंबई में लाखों उत्तर भारतीय रहेते हैं और अगर वह एक दिन काम नहीं करें तो मुंबई की रफ्तार पर ब्रेक लग जायेगा। इस बयान पर पलटवार करते हुए उद्दव ठाकरे ने कहा था कि अगर निरूपम में हिम्मत है तो वह ऐसा कर के दिखा दें। वह ज्यादा बोलते हैं इसलिये उनके बाहर के दांत तोड़ दूंगा। इसपर फिर संजय निरूपम ने कहा था कि मुझे धमकी देने वाले तीनों ठाकरे में अगर दम है तो वह बिना सुरक्षा के मुंबई में घूम कर दिखाएं।












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